राठौड़ ने खेती की देखभाल के लिए पैरोल मांगा
चण्डीगढ़। किशोरी रुचिका गिरहोत्रा से छेड़खानी मामले में दोषी करार दिए गए और बुरैल जेल में कैद हरियाणा के पूर्व पुलिस प्रमुख एस.पी.एस.राठौड़ ने अपने फार्महाउस पर फसलों की देखभाल के लिए करीब दो सप्ताह के पैरोल के लिए आवेदन किया है।चण्डीगढ़ की जिला एवं सत्र अदालत ने राठौड़ को वर्ष 1990 के छेड़खानी मामले में दोषी करार देते हुए 18 माह की कड़ी कैद की सजा सुनाई है।
अपना नाम गुप्त रखने के आग्रह के साथ एक जेल अधिकारी ने बताया, "राठौड़ ने करीब 15 दिन पहले पैरोल के लिए अपील की। अपनी याचिका में उसने कहा कि पंचकुला में उसके दो फार्महाउस हैं और उसे फसल की कटाई तथा नई फसल की बुवाई करानी है। उसकी अनुपस्थिति में खेती की देखभाल करने वाला कोई नहीं है।" उन्होंने कहा, "याचिका की प्रमाणिकता की जांच करने के लिए हमने पंचकुला प्रशासन और जिला पुलिस से मामले को देखने को कहा है और हम उनके उत्तर की प्रतीक्षा कर रहे हैं।"
जिला अदालत ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की एक विशेष अदालत के फैसले को बरकरार रखते हुए राठौड़ की सजा बढ़ाकर 18 महीने कर दी थी।
बहरहाल राठौड़ ने पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय में सजा के खिलाफ अपील की है। उच्च न्यायालय ने इस पर अपना फैसला सुरक्षित रखा है। रुचिका मामले की शिकायत करने वाले परिवार ने राठौड़ की पैरोल याचिका का कड़ा विरोध किया।
मामले के शिकायतकर्ता आनंद प्रकाश ने शुक्रवार को कहा, "हम राठौड़ की पैरोल याचिका के खिलाफ हैं। यदि वह जेल से बाहर आया तो सीबीआई जांच और साक्ष्यों को प्रभावित करने का प्रयास कर सकता है। हम सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं क्योंकि अपने प्रभाव का उपयोग कर वह हमें नुकसान भी पहुंचा सकता है।"












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