संवेदनशील बने चीन : भारत (लीड-2)
मंत्रालय के प्रवक्ता विष्णु प्रकाश ने कहा, "जहां हम चीन के साथ अपने आदान-प्रदान को महत्व देते हैं, वहीं हमें एक-दूसरे की चिंताओं के प्रति संवेदनशीलता भी होना चाहिए।"
प्रकाश का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब एक मीडिया रिपोर्ट में यह कहा गया है कि उत्तरी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ बी.एस.जसवाल को एक उच्च स्तरीय आदान-प्रदान कार्यक्रम के तहत चीन दौरे पर जाना था, लेकिन उनके नियंत्रण में जम्मू एवं कश्मीर का क्षेत्र आने के कारण चीन ने उनको वीजा देने से इंकार कर दिया।
सूत्रों ने बताया कि शुक्रवार को अपराह्न् चीन के राजदूत झांग येन को साउथ ब्लाक तलब किया गया और उन्होंने विदेश मंत्रालय के अधिकारियों के साथ 25 मिनट तक बातचीत की। विदेश मंत्रालय ने येन से कहा कि जसवाल की यात्रा को लेकर बीजिंग का रुख अनुचित है।
भारतीय सेना की ओर से कहा गया है कि जसवाल का दौरा इसलिए स्थगित कर दिया गया, क्योंकि बीजिंग ने कहा कि जनरल जसवाल का दौरा अनुचित होगा, क्योंकि वह एक संवेदनशील क्षेत्र को कमांड करते हैं।
इस बीच रक्षा मंत्री ए.के.एंटनी ने कहा कि जसवाल का दौरा स्थगित होने से संबंधों को तोड़ने का प्रश्न नहीं उठता।
इस संबंध में मीडिया में आई खबरों के बारे में पूछे जाने पर एंटनी ने संवाददाताओं को हैदराबाद में बताया, "समय-समय पर समस्याएं आती रहतीं हैं लेकिन उनसे व्यापक रुख नहीं प्रभावित होगा।" मीडिया रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इस घटना के बाद भारत ने भी दो चीनी सैन्य अधिकारियों के राजधानी दिल्ली स्थित राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय के दौरे को रोक दिया है।
बहरहाल, विदेश मंत्रालय ने बगैर कोई कारण बताए बस इतना कहा है कि कुछ कारणों से दौरा रद्द हो गया है।
प्रकाश ने कहा कि इस मुद्दे को सुलझाने के लिए चीन के साथ वार्ता जारी है।
मंत्रालय ने यह भी कहा कि भारत और चीन के बीच एक महत्वपूर्ण, बहुमुखी और जटिल रिश्ता है।
प्रकाश ने कहा, "रक्षा सहित कई क्षेत्रों में हमारा आदान-प्रदान बढ़ रहा है। हाल के वर्षो में हमारे बीच विभिन्न स्तरों पर उपयोगी रक्षा आदान-प्रदान हुए हैं।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications