अमेरिका ने भोपाल गैस कांड वाले ई-मेल पर सफाई दी
वाशिंगटन। मोंटेक सिंह अहलूवालिया को अमेरिका के एक शीर्ष अधिकारी द्वारा भोपाल गैस मुद्दे पर चेतावनी भरा मेल किये जाने के खुलासे के बाद भारत में मचे बवाल को देखकर अमेरिका ने अपनी मंशा साफ की है। गौरतलब है कि मोंटेक सिंब अहलूवालिया को यह मेल फ्रोमैन ने किया था। भोपाल गैस त्रासदी को भारत-अमेरिका निवेश से कथित तौर पर जोड़ कर विवाद पैदा करने के जिम्मेदार अमेरिका के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा है कि अमेरिका इस मुद्दे को सुलझाने में हस्तक्षेप नहीं करना चाहता है।
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फ्रोमैन अब अपने मेल की भाषा पर सफाई दे रहे हैं और कह रहे हैं कि उनके मेल का आशय भोपाल गैस कांड से नहीं था। भारतीय अखबारों में छपी खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए अमेरिका के उपराष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार माइक फ्रोमैन ने गुरुवार को एक बयान में कहा, "भोपाल का मुद्दा भारतीय लोगों को ही तय करना है। अमेरिका इस प्रक्रिया में हस्तक्षेप नहीं करना चाहता।"
फ्रोमैन ने अपने बयान में कहा, "अहलूवालिया के साथ मेरे निजी पत्राचार से जुड़ी खबरों के बारे में मैं स्पष्ट करना चाहूंगा कि मैंने दो अलग और विशिष्ट मुद्दों को एक साथ नहीं लाना चाहा और न ही कोई धमकी दी। इसके विपरीत कोई भी दावा तथ्य और इरादे, दोनों से गलत है।" उन्होंने कहा, "मैं यह सोचकर निराश हूं कि मैंने जो कुछ लिखा उसकी गलत व्याख्या कर उसे भोपाल त्रासदी से जोड़ा जा सकता है। भोपाल त्रासदी के कारण लोगों को काफी पीड़ा झेलनी पड़ी।"
फ्रोमैन ने कहा कि दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत और गहरा बनाने के लिए वह द्विपक्षीय और जी-20 के माध्यम से भारत के अहूलवालिया तथा अन्य के साथ काम करने को महत्व देते हैं। विदेश विभाग के प्रवक्ता फिलिप क्राउले ने भी फ्रोमैन के ई-मेल को भोपाल गैस त्रासदी से जोड़ने के सुझावों को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, "इस घटना को कई वर्ष बीत चुके हैं। भारत के लोगों के लिए हमने अपनी सहानुभूति प्रकट की थी।"












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