पाकिस्तान बाढ़ : आतंकियों के हाथ लग सकते हैं बच्चे और अनाथ (राउंडअप)
भीषण बाढ़ के बाद खाद्य सामग्री की किल्लत होने से पाकिस्तान में पिछले छह महीने में जन्मे 85,000 बच्चों के कुपोषित होने की आशंका पैदा हो गई है। बड़े पैमाने पर चेचक और पोलियो जैसी बीमारियां फैलने का खतरा पैदा हो गया है। पाकिस्तान का 20 प्रतिशत क्षेत्रफल पानी में डूब गया है जिससे देश के दो करोड़ लोग विस्थापित हो गए हैं और कुल 5.44 करोड़ लोग प्रभावित हुए हैं।
इस बीच कुछ दिनों के पशोपेश के बाद भारत की ओर से दिए गए 50 लाख डॉलर की मदद के प्रस्ताव को पाकिस्तान ने मंजूर कर लिया है। भारत ने पाकिस्तान के इस कदम का स्वागत किया है। दूसरी ओर आपात बाढ़ राहत कार्यों के लिए अमेरिका ने पाकिस्तान को छह करोड़ डॉलर की अतिरिक्त मदद देने की घोषणा की है।
पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने गुरुवार को अमेरिकी सीनेटर जॉन कैरी के साथ एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा, "हमें जो भी मिल रहा है, हम वह सब कुछ उन्हें दे रहे हैं। यह भी संभावना है कि कुछ नकारात्मक लोग स्थितियों का फायदा उठा सकते हैं। उदाहरण के लिए आतंकवादी अनाथ बच्चों को ले जाकर प्रशिक्षण शिविरों में भर्ती कर सकते हैं।" जरदारी ने कैरी के साथ बाढ़ प्रभावित मुल्तान और जामपुर के दौरे के बाद यह बात कही।
पाकिस्तानी समाचार पत्र 'डॉन' के मुताबिक जरदारी ने प्रभावित परिवारों को फिर से अपने पैरों पर खड़ा करने और उन्हें आतंकवादी संगठनों का शिकार बनने से रोकने के लिए अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से इस समय की स्थितियों की आवश्यकता समझते हुए पाकिस्तान की मदद करने की अपील की।
जरदारी द्वारा व्यक्त किए गए डर पर सीनेटर कैरी ने कहा, "हममें से कोई भी यह देखना नहीं चाहता है कि राजनीतिक या वैचारिक मकसद के लिए दूसरों के दुर्भाग्य का इस्तेमाल करने वालों को इस संकट से कोई अवसर मिले।"
एक सवाल के जवाब में जरदारी ने कहा, "मैं आपको यकीन दिलाता हूं कि मदद के लिए आने वाले धन का पारदर्शिता से वितरण होगा।"
संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक में अपने संबोधन के दौरान अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने पाकिस्तान को छह करोड़ डॉलर की अतिरिक्त मदद देने की घोषणा की। यह बैठक पाकिस्तान में बाढ़ राहत कार्यो के लिए मानवीय मदद हेतु आपसी समन्वय बढ़ाने के लिए आयोजित की गई थी।
संयुक्त राष्ट्र के नए अनुमान के मुताबिक पाकिस्तान के इतिहास की इस सबसे भीषण प्राकृतिक आपदा से 5.44 करोड़ लोग प्रभावित हुए हैं। बाढ़ से अब तक 1,600 लोगों की मौत हो चुकी है।
क्लिंटन ने कहा, "इस आपदा की विभीषिका की तुलना में इसके खिलाफ सामूहिक प्रयास काफी कमजोर हैं। हम जानते हैं कि हम एक बड़ी त्रासदी झेल रहे हैं। इससे आर्थिक और सुरक्षा संबंधी समस्याएं भी पैदा हो रही हैं।"
इससे पहले अमेरिका आपात राहत कार्य के लिए 9 करोड़ डॉलर की मदद दे चुका है। गुरुवार को की गई घोषणा के बाद कुल राशि 15 करोड़ डॉलर हो जाएगी।
संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (यूएनएफपीए) द्वारा जारी रिपोर्ट के मुताबिक बाढ़ प्रभावित इलाकों में छोटे बच्चों का पालन पोषण कर रही करीब 15 लाख महिलाओं को तत्काल मानवीय मदद की जरूरत है।
भारत ने शुक्रवार को कहा कि पाकिस्तान ने बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए प्रस्तावित 50 लाख डॉलर की मदद स्वीकार कर ली है। सरकार ने पाकिस्तान के इस फैसले का स्वागत किया है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विष्णु प्रकाश ने पत्रकारों से कहा, "पाकिस्तान ने कहा है कि उसे भारत की मदद स्वीकार है। हम पाकिस्तान के इस फैसले का स्वागत करते हैं।"
पाकिस्तान में बाढ़ के बाद पैदा हुई चुनौतियों के संबंध में स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि प्रभावित इलाकों में खाद्य पदार्थो की कमी के चलते पिछले छह महीनों में जन्मे 85 हजार से ज्यादा बच्चों के कुपोषित होने की आशंका है। इसके अलावा इनमें पोलियो और चेचक फैलने की गंभीर आशंका है। स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि अधिकारी इन बीमारियों की रोकथाम के लिए जरूरी प्रयास कर रहे हैं।
केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव खुशनूद अख्तर लसहरी ने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन अन्य संस्थाओं की मदद से चेचक रोकने के लिए टीकाकरण अभियान चलाने की योजना तैयार की जा रही है।
लसहरी ने कहा, "टीकाकरण अभियान चलाने के लिए हमें 40 करोड़ रुपये की जरूरत है।" उन्होंने कहा कि ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य केंद्र नष्ट होने से स्वास्थ्य चुनौतियां बढ़ गई हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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