वेतन वृद्धि को मंत्रिमंडल की मंजूरी, सांसद फिर भी संतुष्ट नहीं (राउंडप)
मंत्रिमंडल की बैठक में वेतन और भत्तों में वृद्धि संबंधी विधेयक को मंजूरी दे दी गई। सांसदों का कहना है कि उनका वेतन संसदीय समिति की सिफारिशों के मुताबिक सचिव के वेतन से एक रुपये अधिक 80,001 रुपये प्रतिमाह होना चाहिए।
लोकसभा में समाजवादी पार्टी (सपा), राष्ट्रीय जनता दल (राजद), बहुजन समाज पार्टी (बसपा), शिव सेना, अकाली दल और जनता दल (युनाइटेड) के सांसदों ने कम वेतन वृद्धि का विरोध किया और मंत्रिमंडल द्वारा प्रस्तावित वेतन वृद्धि को वापस लेने की मांग की।
सांसदों के विरोध के कारण सदन की कार्यवाही तीन बार स्थगित करनी पड़ी। अंतिम बार कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई।
राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव और सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव ने विरोध की शुरुआत की।
सांसद 'हमारा वेतन वापस लो, वापस लो, वापस लो' के नारे लगाते हुए लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार के आसन के समीप खड़े हो गए।
लालू प्रसाद ने आरोप लगाया कि कम वेतन बढ़ाकर सरकार ने सांसदों का अपमान किया है।
विरोध के कारण सबसे पहले प्रश्नकाल स्थगित करने सदन को दोपहर 12 बजे तक स्थगित करना पड़ा। सांसदों ने आरोप लगाया कि संसदीय समिति की सिफारिशों को स्वीकार नहीं कर सरकार ने संसद का अपमान किया है।
मीरा कुमार ने जब लालू प्रसाद से अपनी सीट पर बैठने और प्रश्नकाल को ठीक ढंग से चलने देने को कहा तो प्रसाद ने जवाब दिया, "संसदीय समिति ने वेतन 80,001 रुपये करने की सिफारिश की थी। यह अपमान है। हम इस पर शांत कैसे बैठ सकते हैं।"
अध्यक्ष ने बार-बार आग्रह किया कि इस मुद्दे को शून्यकाल के दौरान उठाया जाए लेकिन हंगामा करने वालों ने उसे अनसुना कर दिया। इसके बाद मीरा कुमार ने सदन की कार्यवाही दो बजे तक स्थगित कर दी।
दो बजे कार्यवाही शुरू होने के बाद भी हंगामा जारी रहा और कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित करनी पड़ी।
सांसदों का वेतन इस समय 16,000 रुपये प्रतिमाह है। संसदीय समिति ने उनका वेतन 80,001 रुपये प्रतिमाह करने की सिफारिश की थी। इसके विपरीत संसदीय कार्य मंत्रालय ने सांसदों का वेतन 50,000 रुपये प्रतिमाह करने का सुझाव दिया।
वेतन के अलावा सांसदों को संसद या संसदीय कार्यवाहियों में हिस्सा लेने पर हर रोज 1,000 रुपये दैनिक भत्ता मिलता है। उन्हें प्रतिमाह 20,000 रुपये संसदीय क्षेत्र भत्ता और 20,000 रुपये कार्यालय भत्ता भी मिलता है। इन भत्तों को भी दोगुना किए जाने का प्रस्ताव है।
सरकार ने सांसदों के यात्रा भत्ते को एक लाख रुपये से बढ़ाकर चार लाख रुपये करने को भी मंजूरी दी है। इसके लिए सांसदों के पति या पत्नी को संसदीय क्षेत्र से दिल्ली आने के लिए निशुल्क रेल टिकट मिलता हैं उन्हें अब उन्हें हवाई जहाज के आठ टिकट भी निशुल्क मिलेंगे।
मंत्रिमंडल के फैसले पर संसद की मुहर लगाने के लिए संसद सदस्यों का वेतन और भत्ता कानून 1954 में संशोधन के लिए इसे दोनों सदनों में पेश किया जाएगा। संसदी की मंजूरी के बाद ही वृद्धि प्रभावी होगी। वेतन व भत्तों में यह वृद्धि 15वीं लोकसभा की शुरुआत से लागू होगा। ऐसे में सांसदों को मई 2009 से पुराना बकाया मिलेगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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