किसानों का प्रदर्शन जारी, टिकैत कल पहुंचेंगे टप्पल (लीड-1)
भाकियू प्रमुख महेंद्र सिंह टिकैत किसानों के साथ आवाज बुलंद करने के लिए शुक्रवार को अलीगढ़ के टप्पल गांव पहुंच रहे हैं। प्रदशर्नकारी किसान नोएडा-आगरा यमुना एक्सप्रेस-वे के लिए अपनी जमीन के बदले सरकार द्वारा बढ़ाई गई मुआवजे की राशि को नकारने के बाद गुरुवार को भी टप्पल में शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। हजारों की संख्या में धरने पर बैठे किसानों का साफ कहना है कि नोएडा के बराबर मुआवजा न मिलने तक आंदोलन इसी प्रकार जारी रहेगा।
भाकियू के प्रवक्ता धर्मेद्र मलिक ने आईएएनएस को बताया कि किसान नेता रामबाबू कथीरिया के आंदोलन से किनारा करने के बाद स्थानीय किसान नेताओं की अगुवाई में 61 सदस्यीय किसान संघर्ष समिति बनाई गई है। इसमें स्थानीय भाकियू नेताओं के अलावा अन्य दलों के भी स्थानीय नेता शामिल हैं। समिति ने आंदोलन की कमान संभाल ली है।
बताया जा रहा है कि कथीरिया ने खुद को आंदोलन से पूरी तरह से अलग कर लिया है। बुधवार की शाम वह धरना-स्थल के निकट से गुजरे लेकिन धरने में शामिल नहीं हुए। मलिक ने बताया कि टिकैत आंदोलनकारी किसानों की आवाज को मजबूती देने के लिए शुक्रवार को टप्पल पहुंच रहे हैं। वह किसान संघर्ष समिति के साथ बैठक करेंगे। उसके बाद आंदोलन की आगे की रणनीति तैयार की जाएगी। टिकैत ने किसानों के आंदोलन को तेज करने पर जोर दिया है।
मलिक ने कहा कि किसानों के साथ जबरदस्ती नहीं होने दी जाएगी। प्रदेश सरकार को अगर जमीन लेना है तो नोएडा के बराबर मुआवजा दे, वरना लड़ाई आर-पार की होगी। इससे पहले बुधवार को भी अलीगढ़ में आंदोलन जारी रहा। प्रदशर्नकारी किसानों ने नोएडा-आगरा यमुना एक्सप्रेस-वे के लिए अपनी जमीन के बदले सरकार द्वारा बढ़ाई गई मुआवजे की राशि स्वीकारने से इंकार कर दिया है।
पिछले तीन सप्ताह से जारी विरोध प्रदर्शन मुख्यमंत्री मायावती के विशेष दूत और राज्य के कैबिनेट सचिव शशांक शेखर सिंह द्वारा दिए गए नए सरकारी प्रस्ताव के बाद समाप्त होने की उम्मीद थी। लेकिन इस मुद्दे पर पैदा हुए मतभेद के कारण किसानों ने इस प्रस्ताव को मानने से इंकार दिया और एकजुट होकर लड़ाई जारी रखने का संकल्प लिया। हजारों की संख्या में धरने पर बैठे किसानों ने बुधवार को नोएडा के बराबर मुआवजा न मिलने तक आंदोलन जारी रखने का एलान किया।
गौरतलब है कि राज्य सरकार ने पूर्व की मुआवजा राशि 449 रुपये प्रति वर्ग मीटर से बढ़ाकर 570 रुपये प्रति वर्ग मीटर कर दी है। इसके अलावा फसल, पेड़ या जलाशय की जमीन के लिए अतिरिक्त मुआवजे का भी वादा किया है। इससे पहले हिंसा में मारे गए किसानों के परिजनों के लिए घोषित अनुग्रह राशि बढ़ाकर पांच लाख से 10 लाख रुपये तथा घायलों के लिए दो लाख रुपये की जा चुकी है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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