दिल्ली में होगी प्लास्टिक कचरा प्रबंधन केन्द्र की स्थापना
रसायन और उर्वरक मंत्रालय से संबंधित संसदीय सलाहकार समिति को संबोधित करते हुए श्रीकांत जेना ने यह जानकारी दी।
प्लास्टिक उद्योग की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि निर्मित आयातित मूल्यों पर 0.5 प्रतिशत अधिभार लगाया जा सकता है। संसदीय सलाहकार समिति ने देश में प्लास्टिक उद्योग के विकास और प्लास्टिक अभियांत्रिकी और प्रौद्योगिकी के केन्द्रीय संस्थान (सी आई पी ई टी) की भूमिका पर विचार-विमर्श किया।
समिति को जानकारी दी गई की सी.आई.पी.ई.टी. प्लास्टिक उत्पादन और प्रबंधन पर विभिन्न उच्च स्तरीय अकादमिक और प्रशिक्षण कार्यक्रम चला चुका है।
समिति के सदस्यों ने सुझाव दिया कि प्लास्टिक को भवन और सड़क निर्माण में और उपयोगी बनाने की दिशा में अनुसंधान किए जाने चाहिए। बैठक में लोकसभा सदस्य प्रेमदास कठेरिया, क़े भाष्करराव पाटिल, राव साहेब दानवे पाटिल और राज्य सभा सदस्यों के तौर पर गंगाचरण, श्रीगोपाल व्यास, क़ेएऩ बालगोपाल और विशेष आमंत्रित सदस्य रजैय्या सिरिसिल्ला उपस्थित थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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