न्यायमूर्ति जे.एम. पांचाल और न्यायमूर्ति ए.के. पटनायक की खंडपीठ ने एक स्वयंसेवी संगठन की ओर से दाखिल जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान यह बात कही।इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।*