प्रधानमंत्री का लेह दौरा, 125 करोड़ रुपये राहत पैकेज की घोषणा (लीड-2)
उन्होंने कहा कि इस प्राकृतिक आपदा में तबाह हुए घरों को ढाई माह के अंदर बनवा दिया जाएगा।
प्रधानमंत्री ने कहा, "अस्पताल, स्कूल, बिजली के कनेक्शन और सड़क फिर से निर्मित किए जाएंगे और सभी पुनर्वास कार्य सर्दी शुरू होने से पहले ढाई महीने के अंदर पूरे कर लिए जाएंगे। इसके लिए धन की कोई समस्या नहीं होगी।"
मंगलवार सुबह एक दिवसीय दौरे पर लेह पहुंचे प्रधानमंत्री ने कहा कि यह राशि प्रधानमंत्री राहत कोष से दी जाएगी। प्रधानमंत्री ने बाढ़ पीड़ितों के लिए निर्मित एक राहत शिविर का भी दौरा किया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार आपदा से प्रभावित परिवारों की मदद के लिए हर संभव कदम उठाएंगी।
मनमोहन सिंह ने लोगों के लिए विभिन्न योजनाओं का प्रभावी तरीके से कार्यान्वयन सुनिश्चित कराने के लिए राज्य के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक निगरानी समिति की भी घोषणा की।
सिंह ने वादा किया, "ठंड शुरू होने से पहले मैं दोबारा आप लोगों से मिलने आऊंगा और आप लोगों के लिए तैयार किए गए घरों का निरीक्षण करूंगा।"
प्रधानमंत्री ने इसके पहले आपदा में मारे गए लोगों के परिजनों के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से 100,000 रुपये और घायलों के लिए 50,000 रुपये अनुग्रह राशि की घोषणा की थी।
प्रधानमंत्री के साथ केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री गुलाम नबी आजाद, केंद्रीय नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री फारूक अब्दुल्ला और राज्य कांग्रेस अध्यक्ष सैफुद्दीन सोज भी थे। कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी और रक्षा राज्य मंत्री एम.एम.पल्लम राजू ने सोमवार को इलाके का दौरा किया था।
स्वतंत्रता दिवस पर अपने भाषण में प्रधानमंत्री ने कहा था कि लेह के बाढ़ पीड़ितों को राहत देने और उनके पुनर्वास के सभी प्रयास किए जाएंगे।
लोकसभा में सोमवार को केंद्रीय गृह मंत्री पी.चिदंबरम ने एक बयान में कहा कि थल सेना, वायु सेना, सीमा सड़क संगठन, राष्ट्रीय आपदा राहत बल और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के करीब 6,000 जवान राहत कार्यो में नागरिक प्रशासन की मदद कर रहे हैं।
लेह कस्बे और आसपास के इलाकों में छह अगस्त की रात बादल फटने की घटना से भारी तबाही हुई। इसमें 183 लोगों की मौत हो गई थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications