भटवारी में फंसे वाहनों को निकलवाने में जुटा प्रशासन
उप जिलाधिकारी (एसडीएम) एस. एल. सेमवाल ने बताया कि भटवारी में गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात अब भी प्रभावित है। उन्होंने बताया कि देर रात तक छोटी गाड़ियां चलने लगेंगी। उनका प्रयास पहले उन 50-60 निजी गाड़ियों को निकलवाने का है जो पिछले पांच-छह दिनों से उत्तरकाशी और भटवारी के बीच फंसी हुई हैं।
सेमवाल ने बताया कि भारतीय भूगर्भ सर्वेक्षण विभाग के दल ने भटवारी में राष्ट्रीय राजमार्ग के धंसने और पहाड़ों में आई दरार को खतरनाक माना है। उन्होंने बताया कि दरार के कारण भटवारी के ऊपरी क्षेत्र में बसे गांवों का अस्तित्व खतरे में है।
उप जिलाधिकारी ने बताया कि भटवारी की समस्या का फिलहाल पूर्ण समाधान नहीं है। उन्होंने बताया कि रात को होने वाली तेज बारिश के कारण आपदा प्रबंधन के कार्य में भी दिक्कतें आ रही हैं। समस्या का समाधान भू-स्खलन की चपेट में आए गांव के विस्थापन के बाद ही होगा।
उन्होंने बताया, "यातायात को सुचारु करने के लिए हम विचार कर रहे हैं कि उत्तरकाशी जाने वाले वाहन सीधे न जाकर नीचे से भटवारी तक आएं। उसके बाद यात्री क्षतिग्रस्त मार्ग को पैदल पार करेंगे, फिर भटवारी से उत्तरकाशी के लिए अलग वाहन मुहैया कराया जाएगा। ठीक उसी तरह नीचे से जाने वाले यात्रियों को अपना वाहन भटवारी में ही छोड़ना होगा। यह व्यवस्था हालांकि अस्थायी रहेगी।"
गौरतलब है कि गत शुक्रवार को भू-स्खलन और भारी बारिश के कारण भटवारी में 28 दुकानें ढह गई थीं। प्रशासन ने किसी अनहोनी से बचने के लिए दुकानों को खाली कराने के साथ-साथ रिहायशी क्षेत्र में रहे रहे लोगों को सुरक्षित स्थान पर भेज दिया था। दुर्घटना के कारण गंगोत्री यात्रा भी बुरी तरह प्रभावित है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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