केंद्र से उपेक्षा के बावजूद उप्र में विकास जारी : मायावती (लीड-1)
मायावती ने कहा कि प्रदेश के चहुंमुखी विकास खासकर अतिपिछड़े बुंदेलखंड और पूर्वाचल के विकास के लिए हमने केंद्र सरकार से 80,000 करोड़ रुपये का प्रोत्साहन पैकेज मांगा था लेकिन केंद्र की तरफ से आज तक कोई धनराशि नहीं दी गई है।
उन्होंने कहा, "केंद्र से सहायता न मिलने के बावजूद हमारी सरकार ने अपने सीमित संसाधनों से बुंदेलखंड और पूर्वाचल के पिछड़ेपन को दूर करने के लिए बड़े पैमाने पर विकास कार्य शुरू किए हैं।"
मायावती ने कहा कि हमारी सरकार ने समाज के सभी वर्गो की उम्मीदों को पूरा करने के लिए कदम उठाए हैं और उनके अच्छे नतीजे सामने आ रहे हैं। राज्य सरकार ने हर मामले में दलितों, पिछड़ों, शोषितों, महिलाओं, धार्मिक अल्पसंख्यकों और अगड़ी जाति के गरीबों को प्राथमिकता दी है।
उन्होंने कहा कि आम जनता में सुरक्षा की भावना पैदा किए बिना शांति और विकास का वातावरण बनाना संभव नहीं है। इसलिए हमारी सरकार ने पहले से व्याप्त जंगलराज का खात्मा करके अपराधमुक्त, भ्रष्टाचार मुक्त और विकासयुक्त वातावरण स्थापित करके प्रदेश में कानून का राज स्थापित किया है।
उन्होंने कहा, "कानून-व्यवस्था हमेशा हमारी सरकार की प्राथमिकता रही है। हमारी सरकार ने समाज के सभी वर्गो की जायज मांगों को अपने सीमित संसाधनों से पूरा करने का प्रयास किया है। प्रदेश की बिजली समस्या दूर करने के लिए सरकार ने प्रभावी प्रयास किए हैं।"
उन्होंने कहा, "राज्य सरकार विद्युत उत्पादन बढ़ाने के लिए अपने बलबूते प्रयास कर रही है। विभिन्न विद्युत परियोजनाओं पर काम चल रहा है।"
स्वाधीनता दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने आजादी की लड़ाई में अपने प्राणों की आहूति देने वाले तमाम शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि आज उनके सपनों को साकार करने का संकल्प लेने का दिन है।
संबोधन के बाद मुख्यमंत्री ने तीन पुलिसकर्मियों को उत्कृष्ट सेवा के लिए पुलिस पदक से सम्मानित किया। वहीं राज्यपाल बी.एल.जोशी ने राजभवन में ध्वजारोहण किया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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