हिंसा छोड़ बातचीत को आगे आएं नक्सली : प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री ने नक्सली संगठनों से बातचीत के लिए आगे आने और देश के विकास में सहयोग करने की अपील करते हुए कहा कि कानून एवं व्यवस्था की स्थिति बिगड़ती है तो इसका खामियाजा नागरिकों को भुगतना पड़ता है।
उन्होंने नक्सली हिंसा में मारे गए नागरिकों और सुरक्षा बलों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि हर नागरिक को सुरक्षा देना उनकी जिम्मेदारी है और सरकार किसी भी तरह की हिंसा से सख्ती से निपटेगी।
नक्सल प्रभावित इलाकों में कानून का राज स्थापित करने का संकल्प व्यक्त करते हुए उन्होंने नक्सलियों से हिंसा छोड़कर बातचीत के लिए आगे आने की अपील की। उन्होंने नक्सलियों से देश के सामाजिक और आर्थिक विकास में सहयोग करने के लिए कहा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले दिनों नक्सल प्रभावित इलाकों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक में जिन मुद्दों पर सहमति बनी थी उसे केंद्र सरकार पूरा करेगी। उन्होंने नक्सलवाद की समस्या से केंद्र व राज्य सरकारों को मिलकर निपटने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि बिना एकजुटता के इस समस्या से निपटने में मुश्किल आएगी।
मनमोहन सिंह ने कहा, "नक्सल प्रभावित इलाके विकास के मामले में पिछड़े हुए हैं और सालों से बरती गई इस लापरवाही को हम खात्म करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि नक्सली इलाकों के विकास के लिए योजना आयोग से एक मिश्रित योजना बनाने के लिए कहा गया है ताकि उन इलाकों में आजीविका के साधन का विकास किया जा सके।"
उन्होंने नक्सल प्रभावित इलाकों में प्रशासन को भी संवेदनशील होने की नसीहत देते हुए कहा कि जनजाति भाइयों की परेशानियों पर उन्हें ध्यान देना होगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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