देश में स्वाइन फ्लू का खतरा बरकरार
नई दिल्ली, 15 अगस्त (आईएएनएस)। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों ने रविवार को कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की ओर से स्वाइन फ्लू के अंत की घोषणा किए जाने के बाद भी देश में इस बीमारी का खतरा बना हुआ है।
स्वास्थ्य मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा, "स्वाइन फ्लू के रोगियों की संख्या बढ़ रही है। इसमें कमी लाने का कोई रास्ता नहीं है। हमें अधिक सावधान रहना है।"
डब्ल्यूएचओ ने मई 2009 में स्वाइन फ्लू को महामारी घोषित किया था। उसने 10 अगस्त को इसके अंत की घोषणा की।
अधिकारी ने कहा, "स्वाइन फ्लू का वायरस देश के अधिकांश हिस्सों में सक्रिय है और मृतकों की संख्या बढ़ रही है। यहां तक कि डब्ल्यूएचओ ने भी कहा है कि महामारी समाप्त हो गई है, लेकिन खतरा समाप्त नहीं हुआ है।"
स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार दो अगस्त से आठ अगस्त के बीच एक सप्ताह के भीतर स्वाइन फ्लू से सर्वाधिक 83 मौतें हुई हैं। इस अवधि के दौरान लगभग 942 मामले सामने आए हैं।
अधिकारियों के अनुसार ज्यादातर मौतें गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गो की हुई है। या फिर अन्य पुरानी बीमारियों से ग्रस्त लोगों की।
चिकित्सकों के अनुसार इस तरह लोगों में इस बीमारी के फैलने की ज्यादा संभावना है, क्योंकि इनके शरीर में रोग से लड़ने की क्षमता कम होती है।
अधिकारी ने कहा, "सभी के लिए टीके की सलाह दी गई है। पिछले वर्ष हमारे पास एच1एन1 के लिए कोई टीका नहीं था, लेकिन अब हमारे पास दो टीके पहले से बाजार में उपलब्ध हैं। यह सुझाव दिया गया है कि टीका हर हाल में लगवाया जाए।"
गर्भवती महिलाओं के लिए टीके की सिफारिश नहीं की गई है, जो कि इस वायरस से सर्वाधिक पीड़ित हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications