मनमोहन ने वाजपेयी को पीछे छोड़ा
लाल किले पर तिरंगा झंडा फहराने की परंपरा देश के पहले प्रधानमंत्री नेहरु ने शुरू की थी। उन्होंने वर्ष 1947 से 1964 तक 17 बार झंडे फहराए।
इसके बाद इंदिरा गांधी ने वर्ष 1966 से 1976 और 1980 से लेकर 1984 के दौरान 16 बार लाल किले पर तिरंगा फहराया।
इस मामले में वाजपेयी मनमोहन सिंह से एक कदम पीछे रह गए। उन्होंने वर्ष 1998 से 2003 के दौरान लाल किले पर छह बार तिरंगा फहराया है।
चंद्रशेखर देश के एक ऐसे प्रधानमंत्री हैं, जिन्हें लाल किले पर तिरंगा झंडा फहराने का मौका नहीं मिल पाया। नेहरु और लाल बहादुर शास्त्री के निधन के बाद अंतरिम प्रधानमंत्री गुलजारी लाल नंदा को भी लाल किले से भाषण देने का मौका नहीं मिला।
इनके अलावा राजीव गांधी और नरसिम्हा राव ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर क्रमश: पांच-पांच बार तिरंगा फहराया। शास्त्री और मोराजी देसाई ने दो-दो बार तिरंगा फहराया और चौधरी चरण सिंह और वी.पी. सिंह को झंडा फहराने का क्रमश: एक-एक बार मौका मिल पाया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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