उमर अब्दुल्ला पर पुलिस अधिकारी ने जूता उछाला (लीड-1)
जानकारी के मुताबिक जूता उछालने वाले युवक जम्मू एवं कश्मीर पुलिस में सहायक उप निरीक्षक के पद पर तैनात है। मुख्यमंत्री ने जहां झंडा फहराया युवक उसके ठीक पीछे वीआईपी लोगों के साथ बैठा था। उसने मुख्यमंत्री पर भूरे रंग का जूता उछाल दिया। मुख्यमंत्री को उसने कथित तौर पर काला झंडा भी दिखाया। इस घटना के बाद युवक को गिरफ्तार कर लिया गया।
घटना को नजरअंदाज करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, "विरोध करने का यह तरीका सही नहीं है लेकिन शुक्र है कि उसने पत्थर नहीं फेंका, बल्कि जूता फेंका। जूते से तो कोई कम से कम घायल नहीं होगा।"
इस घटना के बावजूद समारोह का आयोजन चलता रहा। उन्होंने अपने संबोधन में कहा, "11 जून के बाद हुई विरोध प्रदर्शन की घटनाओं में मारे गए लोगों के प्रति मैं संवेदना प्रकट करता हूं। मैं पीड़ित परिवार वालों के साथ हूं। लोगों की मौत पर कोई इतना पत्थर दिल नहीं हो सकता कि उसकी आंखों से आंसू न टपके।"
उन्होंने कहा कि कोई भी आर्थिक मदद या सहायता इन मौतों की भरपाई नहीं कर सकती। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता के हित में राज्य का आर्थिक विकास बहुत जरूरी है।
उन्होंने घोषणा की कि अगले कुछ महीनों के भीतर राज्य में 50,000 युवाओं को सरकारी नौकरियां दी जाएंगी। इस मौके पर अब्दुल्ला ने अलगाववादी नेताओं से वार्ता की अपील की और कहा कि जम्मू एवं कश्मीर की समस्या के समाधान में वे अपनी भूमिका का निर्वाह करें।
उल्लेखनीय है कि घाटी में अलगाववादियों ने 15 अगस्त को काला दिवस के रूप में मनाने का आह्वान किया है। इसके मद्देनजर पूरी घाटी में बंद रहा और इससे जनजीवन प्रभावित हुआ।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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