नक्सलियों ने छत्तीसगढ़ में 6 ट्रक जलाए (लीड-2)
जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) एस.आर.पी. कलौरी ने आईएएनएस को बताया, "नक्सली करीब आधी रात को जंगलों से निकलकर आए और भांसी तथा बछेली के बीच छह ट्रकों को रोककर उनको आग लगा दी।"
यह घटना राजधानी रायपुर से लगभग 420 किलोमीटर दूर और बछेली के दो किलोमीटर के दायरे में हुई। जहां निजी क्षेत्र की कंपनी एनएमडीसी लिमिटेड द्वारा बड़े पैमाने पर लौह अयस्क का खनन कराया जाता है।
कलौरी ने कहा, "ये ट्रक एक निजी ठेकेदार के थे और एस्सार स्टील कंपनी के लिए लौह अयस्क लेकर जा रहे थे। सुबह छह बजे सड़क पर यातायात दोबारा शुरू हो सका।"
उन्होंने कहा, "इस वारदात के पीछे नक्सलवादियों का मकसद स्वतंत्रता दिवस से पहले बस्तर में दहशत फैलाना है।" नक्सलियों ने स्वतंत्रता दिवस समारोह का बहिष्कार करने घोषणा की है। उन्होंने ट्रकों को आग लगाने के बाद सुरक्षा बलों को यहां पहुंचने से रोकने के लिए सड़कों पर पेड़ गिरा दिए हैं।
नक्सलियों ने दंतेवाड़ा में राष्ट्रीय राजमार्ग 221 पर पर्चे फेंके जिनमें कहा गया है कि लोग स्वतंत्रता समारोह के आयोजन स्थलों से दूर रहें। राज्य सरकार ने नक्सल प्रभावित सभी 13 जिलों में सरकारी इमारतों की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की है।
मध्यप्रदेश से विभाजन के बाद नवंबर 2000 में अलग प्रदेश बने छत्तीसगढ़ में अब तक नक्सली हिंसा में 2000 लोगों की मौत हो चुकी है।
पिछले तीन साल में छत्तीसगढ़ में नक्सलियों ने 1,948 हमले किए हैं जिनमें 418 नागरिक और 75 विशेष पुलिस अधिकारियों सहित 435 पुलिसकर्मी मारे गए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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