नागपंचमी विशेष

नाग पंचमी हिन्दुओं का एक प्रमुख त्योहार है । हिन्दू पंचांग के अनुसार सावन माह की शुक्ल पक्ष के पंचमी को नाग पंचमी के रुप में मनाया जाता है । इस दिन नाग देवता या सर्प की पूजा की जाती है और उन्हें दूध पिलाया जाता है।

हमारे समाज में व्याप्त धार्मिक आस्थाओं के आधार पर लिंग, सर्प, अग्नि, सूर्य तथा पितर का बड़ा महात्म्य है। मोहन जोदड़ों, हड़प्पा और सिंधु सभ्यता की खुदाई में जो प्रमाण मिले हैं, उनमें नाग-पूजा के अनेक प्रमाण उपलब्ध हैं। मिस्र में नाग पूजा की मान्यता प्राप्त होने से ही शेख हरेदी नामक सर्प पूजा आज भी बड़ी धूमधाम और श्रद्धा-विश्वास से की जाती है।

हमारे देश में नाग पूजा प्राचीनकाल से चली आ रही है। श्रावण शुक्ल पंचमी के दिन नागपंचमी का पर्व परम्परागत श्रद्धा एवं विश्वास के साथ मनाया जाता है। इस दिन नाग देवता को दूध एवं खीर चढ़ाई जाती है। इस दिन नागों का दर्शन शुभ माना जाता है। मानव सभ्यता के आरंभ से ही सर्प के प्रति भय की भावना व्याप्त रही है। इन्हें शक्ति एवं सूर्य का अवतार भी माना जाता है।

ऐसा विश्वास है कि हमारी धरती शेषनाग के फनों के ऊपर टिकी हुई है। जब कभी पाप धरती पर बढ़ता है तो शेषनाग अपने फनों को समेटते हैं और धरती डगमगाने लगती है। यही विश्वास जनमानस में और अधिक श्रद्धानत होकर नाग पूजा को बाध्य करता है। हमारे देश के प्रत्येक भाग में किसी न किसी रूप में भगवान शंकर की पूजा होती है। उनकी जटाओं, गले एवं भुजाओं पर नाग की माला स्पष्ट देखी जा सकती है। पुराणों में नागों से शादी का वर्णन मिलता है।


राजा परीक्षित एवं जन्मेजय का नाग यज्ञ अपने आप में अद्भुत है। पुराणों में वर्णन हैं कि किसी राज्य में एक किसान परिवार रहता था। किसान के दो पुत्र व एक पुत्री थी। एक दिन हल जोतते समय हल से नाग के तीन बच्चे कुचल कर मर गए। नागिन पहले तो विलाप करती रही फिर उसने अपनी संतान के हत्यारे से बदला लेने का संकल्प किया। रात्रि को अंधकार में नागिन ने किसान, उसकी पत्नी व दोनों लड़कों को डस लिया।

अगले दिन प्रातः किसान की पुत्री को डसने के उद्देश्य से नागिन फिर चली तो किसान कन्या ने उसके सामने दूध का भरा कटोरा रख दिया। हाथ जोड़ क्षमा माँगने लगी। नागिन ने प्रसन्न होकर उसके माता-पिता व दोनों भाइयों को पुनः जीवित कर दिया। उस दिन श्रावण शुक्ल पंचमी थी। तब से आज तक नागों के कोप से बचने के लिए इस दिन नागों की पूजा की जाती है। खैर ये तो पुराणों की बात है लेकिन यही सच्चई है कि नाग देवता की सच्चे मन से जो पूजा करता है उसकी इच्छा जरूर पूरी होती है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+