'सुपरबग विदेशी कंपनियों द्वारा फैलाई जा रही दहशत हो सकती है'
नई दिल्ली, 12 अगस्त (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता एस. एस. अहलूवालिया ने गुरुवार को कहा कि सुपरबग विदेशी बहुराष्ट्रीय कंपनियों द्वारा फैलाई जा रही दहशत हो सकती है।
उन्होंने कहा कि सरकार को संक्रमणों और इलाज के लिए जरूरी एंटीबॉयोटिक दवाओं का एक रिकॉर्ड रखना चाहिए।
केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने संसदा में कहा कि स्वास्थ्य मंत्रालय और जैवप्रौद्योगिकी विभाग से सलाह के बाद वह इस मामले पर संसद में समूचित जानकारी देंगे।
ब्रिटेन के एक जर्नल में छपी रिपोर्ट के अनुसार सुपरबग के करीब 37 नए मामलों का पता चला है जिनमें मुख्य रूप से वे मरीज हैं जिन्होंने कॉस्मेटिक सर्जरी, कैंसर के इलाज और प्रत्यारोपण के लिए भारत और पाकिस्तान का दौरा किया था।
वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि 'न्यू डेल्डी मेटालो-बीटा-लैक्टामैस-1' या 'एनडीएम-1' नामक एक एंजाइम सुपरबग पूरी दुनिया में फैल सकता है क्योंकि इस पर लगभग सभी प्रकार के एंटीबॉयोटिक कारगर नहीं हैं और इसे निष्क्रिय करने के लिए कुछ भी विकसित नहीं किया गया है।
अहलूवालिया ने कहा कि रिपोर्ट के समय को लेकर संदेह है क्योंकि यह ऐसे समय सामने आया है जब भारत चिकित्सा पर्यटन के क्षेत्र में एक वैश्विक ताकत के रूप में उभर रहा है।
उन्होंने कहा कि संभव है कि यह दुनिया भर की बहुराष्ट्रीय कंपनियों द्वारा फैलाई जा रही दहशत हो।
अहलूवालिया ने कहा कि भूमंडलीकरण के साथ सिर्फ जनसंख्या का ही नहीं बल्कि जीवाणुओं और विषाणुओं का भी पलायन हो रहा है।
राज्यसभा में प्रतिपक्ष के उप नेता अहलूवालिया ने इस मामले में कुछ कदम उठाने की मांग की।
उन्होंने कहा, "जब हम स्वास्थ्य पर्यटन के क्षेत्र में एक बड़ी ताकत के रूप में उभर रहे हैं तो हमें उन आंकड़ों के साथ सामने आना चाहिए जिनमें अस्पतालों में पहचाने गए संक्रमणों और उनके इलाज के लिए एंटीबॉयोटिक दवाओं का जिक्र हो।"
उन्होंने भारतीय चिकित्सा परिषद के प्रमुख वी. एम. कटोच द्वारा मीडिया में दिए गए उस बयान का उल्लेख किया जिसमें उन्होंने कहा था कि अस्पतालों में पता किए गए संक्रमणों के रिकॉर्ड रखने के बारे में भारत में कोई नियम नहीं है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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