भारत का कर्ज आत्मघाती : खालिदा
प्रधानमंत्री शेख हसीना की सरकार ने इस आरोप को खारिज किया है।
अखबार 'न्यू एज' के अनुसार जिया ने कहा, "भारत से अब इतना बड़ा कर्ज लेने की कोई जरूरत नहीं थी। इसका भार लोगों के कंधों पर पड़ेगा।"
बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) की अध्यक्ष जिया ने इस सौदे को आत्मघाती बताया।
बीएनपी ने आरोप लगाया कि इस कर्ज पर बांग्लादेश को अंतर्राष्ट्रीय दर से सात गुना अधिक दर पर ब्याज का भुगतान करना होगा।
इस आरोप को खारिज करते हुए विदेश मंत्री दीपू मोनी ने कहा कि जब बीएनपी सत्ता में होती है तो वह भारत के प्रति नरम रुख रखती है और जब विपक्ष में होती है तो भारत का विरोध करती है।
अब विपक्ष के पास राजनीति के लिए कोई मुद्दा नहीं मिल रहा है इसलिए वे मुद्दाविहीन विरोध अभियान चला रहे हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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