मुखबिर संरक्षण विधेयक : एक नजर
नई दिल्ली, 9 अगस्त (आईएएनएस)। केंद्रीय कैबिनेट द्वारा सोमवार को मंजूर किए गए ऐतिहासिक मुखबिर संरक्षण विधेयक के कुछ महत्वपूर्ण बिंदु इस प्रकार हैं :
* आधिकारिक रूप से इसे 'द पब्लिक इंटरेस्ट डिसक्लोजर एंड प्रोटेक्शन टू पर्सन मेकिंग द डिसक्लोजर बिल 2010' (जनहित में खुलासा एवं खुलासा करने वाले व्यक्तियों के संरक्षण संबंधी विधेयक 2010) कहा जाएगा।
* इसका उद्देश्य उन नागरिकों की पहचान को संरक्षित करना है, जो सरकारी पद और सरकारी धन के दुरुपयोग के बारे में सूचना मुहैया कराते हैं।
* इस विधेयक के कानून बन जाने के बाद केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) के पास यह अधिकार होगा कि वह मुखबिरों की पहचान का खुलासा करने वालों या उन्हें धमकी देने वालों को दंडित करे।
* इस प्रस्तावित विधेयक के तहत दोषी पाए जाने पर तीन वर्ष तक के कारावास की सजा या 50,000 रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है।
* प्रस्तावित विधेयक के अनुसार सीवीसी इन सभी मामलों में केंद्रीय एजेंसी होगी।
* सीवीसी के पास एक सिविल अदालत के अधिकार होंगे।
* इस विधेयक में मुखबिरों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई या अन्य किसी तरह के उत्पीड़न से उन्हें बचाने का प्रावधान है। इस विधेयक के दायरे में सभी केंद्रीय व राज्य सरकार के कर्मचारियों तथा सार्वजनिक क्षेत्र के कर्मचारियों के खिलाफ शिकायतें शामिल होंगी।
* इस विधेयक को अब संसद में पेश किया जाएगा। निचली और ऊपरी सदन में पारित हो जाने के बाद इस पर राष्ट्रपति अपना हस्ताक्षर करेंगी। उसके बाद केंद्र सरकार इस कानून के रूप में अधिसूचित करेगी।
* मुखबिरों के संरक्षण की दिशा में पहला कदम 2004 में उस सयम उठाया गया था, जब कार्मिक, जन शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय ने 21 अप्रैल को एक प्रस्ताव अधिसूचित किया था, जिसने केंद्रीय सतर्कता आयोग को इस बात का अधिकार दिया था कि वह मुखबिरों की शिकायतों पर कार्रवाई करे और उनका संरक्षण करे।
* इसे कानून के लंबित क्रियान्वयन के एक अंतरिम व्यवस्था के रूप में माना गया था।
* यह अंतरिम व्यवस्था भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) में कार्यरत युवा अभियंता सत्येंद्र दूबे की हत्या के बाद मुखबिरों की सुरक्षा को लेकर सरकार पर बढ़ रहे दबाव के बाद की गई थी। दूबे की 29 नवंबर, 2003 को हत्या कर दी गई थी। दूबे ने बिहार में प्रधानमंत्री स्वर्ण चतुर्भुज मार्ग परियोजना के क्रियान्वयन में भ्रष्टाचार के खिलाफ पूरे आत्मविश्वास के साथ शिकायत की थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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