2जी स्पेक्ट्रम की नीलामी में निर्देशों का पालन हुआ : राजा
इससे पहले ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) के एम. थांबिदुरई ने आरोप लगाया था कि वर्ष 2008 में बहुत सस्ती दरों में 2जी स्पेक्ट्रम के आवंटन से सरकार को राजस्व का भारी नुकसान हुआ था। उन्होंने कहा कि 3जी स्पेक्ट्रम से प्राप्त हुए 70,000 करोड़ रुपये इस बात की ओर इशारा करते हैं।
राजा ने हालांकि कहा कि स्पेक्ट्रम का आवंटन नियमों के अनुसार किया गया था।
उन्होंने लोकसभा को बताया कि बोली में सफल कंपनियों को एक सितंबर तक 3जी स्पेक्ट्रम उपलब्ध करा दिया जाएगा जिससे वे वाणिज्यिक आधार पर सेवाएं शुरू कर सकती हैं।
राजा ने कहा कि 2जी मुख्य रूप से आवाज सेवाओं के लिए है जबकि 3जी के इस्तेमाल से वीडियो और आंकड़ों दोनों का स्थानांतरण संभव होगा।
सार्वजनिक क्षेत्र की दो कंपनियों भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) और महानगर संचार निगम लिमिटेड (एमटीएनएल) को निजी कंपनियों के लिए अगस्त 2008 में हुई बोली प्रक्रिया से पहले ही स्पेक्ट्रम आवंटित कर दिया गया था। इन्हें स्पेक्ट्रम देने के साथ यह शर्त रखी गई थी कि दोनों कंपनियों को संबंधित क्षेत्रों में निजी कंपनियों द्वारा लगाई गई सबसे उच्च बोली के बराबर रकम देनी होगी।
दिल्ली और मुंबई में दूरसंचार सेवाएं उपलब्ध कराने वाली एमटीएनएल ने 3जी सेवाओं के लिए 6,574 करोड़ रुपये चुकता किए हैं और दोनों शहरों में अपनी सेवाएं शुरू कर दी हैं। वहीं बीएसएनएल ने इसके लिए 10,186 करोड़ रुपये की राशि जमा की है। बीएसएनएल देश के करीब 463 शहरों में अपनी दूरसंचार सेवाएं प्रदान करती है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications