लेह में राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के लेह में आई बाढ़ में अभी तक सैकड़ों लोग फंसे हुए हैं और लापता हैं। ऐसे लोगों को लगातार ढूंढा जा रहा है लेकिन इलाके की स्थिति बेहद शोचनीय बनी हुई है। राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है। लेह में बादल फटने के बाद आई बाढ़ के दो दिन बाद भी रविवार को 500 से अधिक लोग लापता हैं। इस आपदा में अभ तक 150 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।

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पुलिस के मुताबिक 63 शव बरामद किए जा चुके हैं। आपदा से सकते में आए लोग अपने घरों के मलबे में सगे संबंधियों की तलाश में लगे हैं। राहत कर्मियों को लेह के समीप के छह गांवों में भेजा गया है जहां अभी तक राहत कार्य शुरू नहीं हो पाया था। दुर्घटना में 400 से अधिक लोग घायल हुए हैं और इनमें छह स्पेनी नागरिकों सहित कई विदेशी हैं। फंसे पर्यटकों को निकालने के लिए विशेष उड़ानें शुरू हो गई हैं। पर्यटक कस्बे से जल्दी से जल्दी बाहर निकलने के लिए हवाई अड्डे पर एकत्र हो गए हैं।

केंद्रीय गृह मंत्री गुलाम नबी आजाद चिकित्सकों के एक दल के साथ शनिवार को लेह पहुंचे थे। विमान में दवाएं, खाद्य पदार्थ और तंबू भी थे। वायुसेना ने भी दो विमानों में राहत सामग्री भेजी है। फंसे हुए पर्यटकों को निकालने के लिए इंडियन एयरलाइंस ने उड़ानें शुरू करने का फैसला किया। करीब 2,000 प्रभावित लोगों के लिए लेह शहरऔर चोगलमसार गांव में रहने की व्यवस्था की गयी है।

प्रभावित इलाकों में सेना के हेलीकॉप्टरों के जरिए खाद्य सामग्री पहुंचाई जा रही है। बीएसएनएल मुख्यालय क्षतिग्रस्त होने से लेह से संपर्क बाधित है। बीएसएनएल का करीब 12 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। लेह इलाके में प्रमुख टेलीक़म कंपनी एयरटेल ने हेल्पलाइन स्थापित करने के लिए स्थानीय अधिकारियों को सिम कार्ड दिए।

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