नया फतवा: निकाह से पहले लिव इन रिलेशन में रहना पाप
भोपाल के मुस्लिम संगठन मजलिस-ए -शूरा ने निकाह से पहले लड़के और लड़की के एक साथ रहने को हराम करार दिया है। इसी के चलते टेलीविजन कलाकार सहरीश खान व उनके प्रेमी जहांगीर खान के परिवार को मुस्लिम समाज से बाहर कर दिया है।
मालूम हो भोपाल की सड़क पर तीन अगस्त को टीवी सीरियल प्रतिज्ञा में रोली की भूमिका निभा रहीं कलाकार सहरीश खान और उनके प्रेमी जहांगीर खान के बीच मारपीट हुई थी। इसके बाद एमएमएस भी जारी किए गए।
इस घटना के बाद से दोनों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। सहरीश ने जहां जहांगीर को सिर्फ मित्र करार दिया है, वहीं जहांगीर का आरोप है कि उसके सहरीश के साथ लिव-इन रिलेशन है।
जहांगीर का कहना है कि कई माह से मुम्बई में दोनों साथ रह रहे हैं और जल्दी ही शादी करने वाले थे। वहीं सहरीश का कहना है कि उसका एमएमएस जबरिया बनाया गया है। वह यह स्वीकार करती है कि जहांगीर कुछ समय उनके साथ मुम्बई में जरूर रहा है, लेकिन वह उसका सिर्फ मित्र है लिव-इन रिलेशन नहीं है। यहां महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि दोनों नाबालिग हैं। सहरीश 17 और जहांगीर 18 वर्ष का है।
इस घटना के बाद शुक्रवार को मुस्लिम संगठन मजलिस-ए-शूरा ने बैठक कर सहरीश और जहांगीर के रवैए को इस्लाम के खिलाफ माना है। कमेटी के औशाफ खुर्रम का कहना है कि बगैर निकाह के किसी लड़के और लड़की का एक साथ रहना हराम है इसीलिए संगठन ने दोनों के परिवारों को समाज से बाहर निकालने का फैसला लिया है।
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पिछले तीन दिनों से जो रहा है उससे मुस्लिम समाज को काफी आघात पहुंचा है। संगठन की कार्रवाई को जायज ठहराते हुए खुर्रम ने कहा कि पिछले दिनों देवबंद ने तो मंगेतर और प्रेमी के बीच फोन पर बातचीत को भी गैर इस्लामिक करार दिया है।
आल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी की मजलिस-ए-शूरा द्वारा समाज से निकाले जाने पर सहरीश ने कहा है कि उसका पक्ष सुने बगैर ही यह निर्णय लिया गया है। उसका कहना है कि वह कहीं से भी दोषी नहीं है बल्कि मुम्बई में जहांगीर जिस मकान में उसके साथ रहता था उस मकान में और भी लड़कियां रहती थी लिहाजा वह जहांगीर के साथ अकेली नहीं रही।













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