कश्मीर में पर्यटन उद्योग को नुकसान, हिमाचल को फायदा
विशाल गुलाटी
शिमला, 5 अगस्त (आईएएनएस)। जम्मू एवं कश्मीर में जारी विरोध प्रदर्शनों के चलते वहां पर्यटन उद्योग बुरी तरह प्रभावित हुआ है हालांकि पड़ोसी राज्य हिमाचल प्रदेश को इसका फायदा मिल रहा है। मानसून शुरू होने जाने के बावजूद शिमला, मनाली, डलहौजी और धर्मशाला जैसे पर्वतीय स्थलों में पर्यटकों की भारी भीड़ है।
हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम (एचपीटीडीसी) के महाप्रबंधक योगेश बहल ने आईएएनएस को बताया, "मानसून की शुरुआत (जुलाई के प्रथम सप्ताह में) से साथ राज्य में पर्यटकों की संख्या में कमी आने लगती है लेकिन इस समय हमारे ज्यादातर होटलों में पिछले साल की तुलना में 30 से 35 फीसदी ज्यादा पर्यटक हैं।"
वह बताते हैं, "ज्यादातर पर्यटक श्रीनगर और उसके आस-पास के पर्वतीय स्थलों की अपनी बुकिंग निरस्त कराकर यहां पहुंचे हैं। कश्मीर में तनाव के चलते हिमाचल के पर्वतीय स्थलों में आने के इच्छुक पर्यटक हमारे सूचना केंद्रों से जानकारी प्राप्त कर रहे हैं।"
कश्मीर घाटी में 11 जून से पथराव करने वालों और सुरक्षा बलों के बीच झड़पों में अब तक 47 लोगों की मौत हो चुकी है। करीब एक हफ्ते से वहां कर्फ्यू जारी है और गलियों में सशस्त्र सुरक्षा बल गश्त कर रहे हैं लेकिन भीड़ लगातार निषेधाज्ञा का उल्लंघन कर रही है।
इस कारण कश्मीर में पर्यटन उद्योग बुरी तरह प्रभावित हुआ है। पिछले साल कश्मीर में 25,000 विदेशियों सहित करीब 500,000 पर्यटक पहुंचे थे। यह संख्या पिछले कई बरसों में सबसे ज्यादा थी।
दिल्ली की प्रिया गिल कहती हैं, "इस बार हमने गुलमर्ग और श्रीनगर जाने की योजना बनाई थी लेकिन वहां जारी विरोध प्रदर्शनकों के कारण अपनी बुकिंग रद्द करा ली। अब हमने शिमला और इसके आसपास के इलाकों में जाने का निर्णय लिया है।"
हिमाचल प्रदेश में पिछले साल 11,437,155 पर्यटक पहुंचे थे जिनमें 400,583 विदेशी थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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