गडकरी ने की 'मुस्लिम सशक्तिकरण' की पैरोकारी
गडकरी ने गत 30 जुलाई को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को एक पत्र लिखकर वक्फ संपत्तियों से होने वाली आय का इस्तेमाल मुसलमानों के विकास में किए जाने की मांग की। उनके इस पत्र को गुरुवार को जारी किया गया।
प्रधानमंत्री को लिखे इस पत्र में गडकरी ने कहा, "देश भर में पंजीकृत वक्फ संपत्तियों की संख्या लगभग पांच लाख है। इन संपत्तियों पर गैरकानूनी कब्जा है और इनका दुरुपयोग किया जा रहा है। सच्चर कमेटी ने भी वक्फ संपत्तियों की कीमत 1.20 लाख करोड़ रुपये आंकी है और सुझाया है कि अगर इनका प्रभावी ढंग से इस्तेमाल हो तो तकरीबन 12 हजार करोड़ रुपये की वार्षिक आमदनी हो सकती है।"
बकौल गडकरी, "इतनी बड़ी राशि मुस्लिम समुदाय के आर्थिक और समाजिक विकास के लिए उपयोगी साबित हो सकती है लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। इसकी वजह यह है कि वक्फ संपत्तियों पर कुछ तत्वों ने कब्जा कर रखा है।"
गडकरी ने प्रधानमंत्री को वक्फ संपत्तियों से होने वाली आय का इस्तेमाल मुस्लिम समाज के लिए विकास में खर्च करने के कुछ सुझाव भी दिए हैं। उन्होंने कहा, "इस राशि से मुस्लिम युवाओं को रोजगारपरक शिक्षा दिलाने के उद्देश्य से इंजीनियरिंग, मेडिकल, आईटीआई और प्रबंध शिक्षा से जुड़े संस्थान खोले जा सकते हैं।"
गडकरी ने कहा, "मुस्लिम समाज में आज विकास से जुड़े कार्यो को किए जाने की आवश्यकता है। मैंने भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों से कहा है कि वे वक्फ संपत्तियों के संदर्भ में जल्द प्रभावी कदम उठाएं।" उन्होंने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार भी इस दिशा में शीघ्र ही ठोस कदम उठाएगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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