गोवा धमाका मामले में महत्वपूर्ण गिरफ़्तारी

बीबीसी संवाददाता, मुंबई
महाराष्ट्र पुलिस की आतंकवाद विरोधी शाखा के प्रमुख राकेश मारिया का कहना है कि पुलिस ने वर्ष 2009 में गोवा धमाके मामले में एक महत्वपूर्ण आरोपी प्रशांत जुवेकर को गिरफ़्तार किया है. मारिया ने कहा कि जुवेकर को जलगाँव ज़िले के भुसावल रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया गया.
मारिया ने कहा, 'प्रशांत जुवेकर वर्ष 2009 में हुए गोवा धमाके मामले में महत्वपूर्ण संदिग्ध है. जुवेकर के खिलाफ़ एक सप्लिमेंट्री चार्जशीट दाखिल की जाएगी. जुवेकर को जल्द ही एनआईए के सुपुर्द कर दिया जाएगा."
मारिया ने कहा कि पुलिस को जुवेकर के पास से एक पिस्तौल के अलावा चार राउंड गोलियाँ भी बरामद हुई हैं, और मामले को आर्म्स एक्ट के तहत दर्ज किया है. मारिया के मुताबिक पुलिस को तीन और लोगों की तलाश है.
याद रहे कि गोवा धमाके पिछले साल हुए थे जिसमें दो लोग मारे गए थे. मामले की जाँच गोवा पुलिस ने शुरू की, लेकिन बाद में मामला एनआईए को सौंप दिया गया. एनआईए ने मई में चार्जशीट दाखिल की थी और 11 लोगों पर अभियोग लगाए थे. इनमें से धनंजय अष्टेकर, दिलीप मंगांवकर, विनायक पाटिल और विनय तालेकर पहले से पुलिस की हिरासत में हैं
इस पूरे मामले में दक्षिण पंथी हिंदूवादी संगठन सनातन संस्था का नाम आया था. पुलिस का कहना था कि मालगोंडा पाटिल और योगेश नाइक एक मोटर साइकिल पर बम लगाने वाले थे लेकिन वह अचानक फट पड़ा और दोनों मारे गए.
अभियोग पत्र में मालगोंडा पाटिल और योगेश नाइक के नाम भी शामिल हैं. अभियुक्तों पर आपराधिक षड़यंत्र करने और भारत के विरुद्ध लड़ाई छेड़ने के आरोप लगाए गए हैं.
शुरु में मामले की जांच गोवा की पुलिस ने की थी लेकिन जब ऐसे संकेत मिले कि धमाकों के सूत्र महाराष्ट्र, कर्णाटक और गोवा से जुड़ रहे हैं तो इसे राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने अपने हाथों में ले लिया.
चार हज़ार पृष्ठों के अभियोग पत्र में इन लोगों पर 2009 को दीवाली की पूर्वसंध्या को मदगांव में सिलसिलेवार बम धमाकों का षड़यंत्र करने के आरोप लगाए गए हैं.












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