संसद : नाश्ते की मेज पर बनी बात, सुचारु चली कार्यवाही (राउंडअप)
'सांप भी मर जाए और लाठी भी न टूटे' का फार्मूला अपनाते हुए उन्होंने जहां सभी विपक्षी दलों को महंगाई के मुद्दे पर बिना मतदान के प्रावधान वाले नियम के तहत चर्चा कराने को तैयार कर लिया वहीं इससे उन्होंने सरकार को फजीहत से भी बचा लिया। यही वजह भी थी कि सोमवार को दोनों ही सदन बगैर किसी हो-हंगामे के सुचारू रूप से चले।
महंगाई के मुद्दे पर मतदान के प्रावधान वाले नियमों के तहत चर्चा कराने की मांग को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और अन्य विपक्षी दलों ने पहले हफ्ते संसद के दोनों सदनों में जमकर हंगामा किया था। विपक्ष के इस रुख को देखते हुए कि कहीं आगे भी हंगामा न जारी रहे, मुखर्जी ने सभी विपक्षी दलों को सोमवार सुबह नाश्ते की मेज पर बुलाया और चर्चा की।
प्रणब का यह प्रयास सफल भी रहा और महंगाई पर बहस कराने और इस मुद्दे को लेकर बीते कई दिनों से संसद में जारी गतिरोध को खत्म करने पर सहमति बनी। तय हुआ कि मंगलवार को लोकसभा और बुधवार को राज्यसभा में महंगाई पर चर्चा होगी।
मुखर्जी के साथ बैठक के बाद मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेता सीताराम येचुरी ने संवाददाताओं से कहा, "महंगाई के मुद्दे पर मंगलवार को चर्चा की जाएगी।"
किस नियम के तहत चर्चा होगी, इसके जवाब में येचुरी ने कहा, "किसी नियम के तहत नहीं। यह प्रणब मुखर्जी के नियम के अंतर्गत होगी।"
प्रणब की इस पहल के बाद सोमवार को संसद की कार्यवाही भी बाधित नहीं हुई। लोकसभा की कार्यवाही आरंभ होने पर लोकसभाध्यक्ष मीरा कुमार ने कहा, "मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि सत्ता पक्ष और विपक्ष में आम आदमी से जुड़े महंगाई के मुद्दे पर चर्चा को लेकर सहमति बन गई है। इस मसले पर सदन में मंगलवार को चर्चा होगी।"
जब लोकसभा की कार्यवाही चली तो कश्मीर घाटी की मौजूदा स्थिति पर विपक्ष के नेताओं ने चिंता जताई और सरकार से ठोस कदम उठाने की मांग की।
भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने कहा, "बीते कुछ दिनों से कश्मीर में स्थिति चिंताजनक है। कल (रविवार) सुरक्षा मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति की बैठक भी हुई थी। हम सरकार से यह जानना चाहते हैं कि पूरी स्थिति क्या है और इस पर क्या कदम उठाए जा रहे हैं।"
इस मामले पर जनता दल (युनाइटेड) के अध्यक्ष शरद यादव ने कहा, "कश्मीर के हालात चिंताजनक हैं। मैं समझता हूं कि सरकार इस मामले को लेकर चिंतित है और ऐसे में हम भी पूरी स्थिति से अवगत होना चाहते हैं। हमसे जो भी होगा, हम इस मामले में सरकार का पूरा सहयोग करेंगे।"
कश्मीर के हालात पर समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता मुलायम सिंह यादव ने भी चिंताई जताई। उन्होंने कहा, "कश्मीर को लेकर बड़ी समस्या यह है कि अब तक कोई भी सरकार वहां के लोगों का विश्वास नहीं जीत पाई है। समस्या को हल करने के लिए हम सभी को कश्मीर के लोगों का विश्वास जीतना जरूरी है।"
केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदंबरम ने कहा कि कश्मीर घाटी में स्थिति 'गंभीर' हो गई है। विपक्षी नेताओं की ओर से घाटी के हालात पर चिंता जताए जाने के बाद उन्होंने कहा, "जम्मू एवं कश्मीर एक संवदेनशील राज्य है। पिछले कुछ दिनों में कश्मीर में स्थिति गंभीर हुई है। नौ जुलाई के बाद घाटी में शांति थी लेकिन वहां स्थिति फिर गंभीर हो गई है।"
गौरतलब है कि सोमवार को एक घायल युवक की मौत के बाद घाटी में पिछले चार दिनों से जारी हिंसा में मरने वालों की संख्या बढ़कर 15 हो गई।
इसके बाद जाति आधारित मतगणना के मसले पर समाजवादी पार्टी (सपा) और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सदस्यों ने सदन से बहिर्गमन किया।
सपा के शैलेंद्र कुमार ने लोकसभा में जाति आधारित मतगणना के मसले पर सरकार की ओर से बयान की मांग की। सरकार की ओर से कोई जवाब न मिलने पर सपा और राजद के सदस्य एकसाथ सदन से बाहर चले गए।
संसद के दोनों सदनों में इस मानसून सत्र में पहली बार प्रश्नकाल सुचारू रूप से चला।
उधर, राज्यसभा में 10 मिनट तक के स्थगन के बाद कार्यवाही सुचारु रूप से चली। राजद और लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के सदस्यों ने बिहार में 2007 में आई बाढ़ के पीड़ितों के राहत संबंधी ऑडिट रिपोर्ट को लेकर हंगामा किया।
मामले को उठाते हुए लोजपा नेता रामविलास पासवान ने बिहार बाढ़ पर नियंत्रक व महालेखा परीक्षक (सीएजी) की रिपोर्ट पर सदन में चर्चा कराने की मांग की। उनकी इस मांग को उपसभापति रहमान खान ने खारिज कर दिया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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