78 दिन पूर्व अपहृत अधिकारी अरूणाचल में मुक्त
बारदेकर परिवार के सदस्य और पूर्व पुलिस उप-महानिरीक्षक एस. एस. सुरादकर ने बताया कि मंगलवार तक उनके (बारदेकर) अपने गृह नगर लौटने की संभावना है। वह अरूणाचल प्रदेश में छुट्टियां मनाने गए थे। अपहरणकर्ताओं ने उन्हें रविवार को उनके परिवार के लोगों को सौंप दिया जो इस समय वह असम की गुवाहाटी में हैं।
सुरादकर ने आईएएनएस से कहा, "यह महाराष्ट्र व देश के लोगों की प्रार्थना और महाराष्ट्र के वन मंत्री पतंगराव कदम के ठोस प्रयासों से संभव हुआ है।"
करीब पिछले 10 हफ्तों से उनके परिवार के लोगों, महाराष्ट्र, अरूणाचल प्रदेश, असम के मुख्यमंत्रियों और केंद्र सरकार द्वारा उनकी सुरक्षित रिहाई के लिए प्रयास किया जा रहा था।
बारदेकर 1984 बैच के भारतीय वन सेवा के अधिकारी हैं और पुणे में सामाजिक वानिकी निदेशालय में संयुक्त निदेशक (प्रशासन) पद पर कार्यरत हैं।
आंध्र प्रदेश के पश्चिमी कामेंग जिले में दाइमारा गांव में बारदेकर का उस समय अपहरण कर लिया गया था जब वह वहां रात बिताने की तैयारी में थे। बारदेकर का अपहरण करने वाले संदिग्ध आतंकवादियों ने उनके साथ के दो स्थानीय लोगों पर भी हमला किया था।
बोरदेकर का अपहरण करने वाले संदिग्ध आतंकवादी नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट ऑफ बोडोलैंड के सदस्य थे।
सुरादकर ने कहा कि तितलियां देखने में बारदेकर की विशेष रुचि है इसी उद्देश्य से उन्होंने इस क्षेत्र में जाने के लिए 15 दिनों की छुट्टी ली थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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