तस्करी के आरोप से 3 भारतीय बरी
हैं।
एक मीडिया रिपोर्ट में शुक्रवार को कहा गया कि न्यायिक आयुक्त अहमद नासफी यासीन ने फैसला सुनाया कि अभियोजन पक्ष तीनों के खिलाफ प्रथम दृष्टया आरोप प्रमाणित करने में नाकाम रहा है।
सेलांगोर राज्य के सेटापाक में रहने वाले दो भाइयों तिवागर वादिवेलू (35) व शशिंद्रन (28) और काजांग के रहने वाले प्रेमकुमार शानमुगाथन (27) को 16 फरवरी 2009 को 25.7 ग्राम मादक पदार्थो (15.59 ग्राम हेरोइन और 10.11 ग्राम मोनोएस्टिलमॉर्फीन) की तस्करी के आरोप में पकड़ा गया था।
यासीन ने अपने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष यह साबित कर पाने में असफल रहा है कि तीनों का इरादा ड्रग्स की तस्करी का था।
एक समाचार पत्र 'न्यू स्ट्रेट्स टाइम्स' के अनुसार यासीन ने अपने फैसले में कहा, "बरामद किए गए मादक पदार्थ के रंग में भी अंतर की बात सामने आई है। पहले उसे चाकलेटी रंग का बताया गया फिर सफेद। यह भी पुलिस की जांच के अधूरे रहने की ओर इशारा करता है।"
मलेशिया में 27 लाख प्रवासी भारतीय रहते हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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