श्रीनगर में पटरी पर लौटी जिंदगी
रविवार होने के बावजूद जम्मू एवं कश्मीर बैंक और कुछ अन्य निजी व सहकारी बैंक खुले रहे। पिछले एक हफ्ते से बंद रहने के कारण लोग बैंक से वित्तीय लेन-देन नहीं कर पाए थे।
बाजारों में भारी भीड़ दिखी। श्रीनगर में यातायात जाम रहा।
जुनैद कावूसा नाम के एक बैंक अधिकारी ने बताया कि अलगाववादियों के बंद और विरोध प्रदर्शनों के कारण पेट्रोल पंप भी बंद रहे थे। उन्होंने रविवार को अपनी कार में पेट्रोल भरवाया।
उन्होंने कहा, "मैंने अपने परिवार के लिए जरूरी चीजें और दवाइयां खरीदी हैं। पता नहीं अलगाववादी कब बंद का आह्वान कर दें या सरकारी प्रतिबंध फिर से लगा दिए जाएं।"
उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों हिंसक घटनाओं के दौरान हुई नागरिकों की मौतों के खिलाफ हिंसक प्रदर्शनों की वजह से घाटी में जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा था।
हुर्रियत कांफ्रेंस के कट्टरपंथी धड़े के नेता सैयद अली गिलानी ने रविवार को लोगों से सामान्य गतिविधियां शुरू करने को कहा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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