गुजरात के पूर्व मंत्री शाह हिरासत में लिए गए (लीड-3)
गुरुवार से लापता चल रहे शाह रविवार सुबह अहमदाबाद में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कार्यालय में मीडिया के सामने आए। उन्होंने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि उनपर लगाए गए आरोप गलत हैं।
संवाददाता सम्मेलन को प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष आर. सी. फर्दू संबोधित कर रहे थे तभी शाह वहां आए।
सीबीआई द्वारा दाखिल आरोपपत्र में आरोपी बनाए गए शाह ने कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए सभी आरोप गलत, मनगढं़त और राजनीति से प्रेरित हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के निर्देश पर सीबीआई ने उनके खिलाफ आरोप-पत्र तैयार किया है।
उन्होंने कहा कि राज्य में नरेंद्र मोदी की सरकार से 'निपटने' के लिए केंद्र सरकार ऐसा कर रही है।
उन्होंने कहा कि सीबीआई के समक्ष उनके उपस्थित नहीं होने के एक दिन के भीतर एजेंसी ने 30 हजार पृष्ठों के आरोप पत्र दाखिल किए। इसका मतलब यह है कि 'सीबीआई द्वारा जारी सम्मन का आरोप पत्र से कुछ लेना देना नहीं था।'
शाह ने कहा कि सम्मन में कहा गया था कि उन्होंने कथित तौर पर धमकी दी थी लेकिन आरोप पत्र में उन्हें हत्या का आरोपी बनाया गया है।
शाह ने सीबीआई को दिए जाने वाले अपने बयान की वीडियो रिकार्डिग कराने और उसे आवश्यकता होने पर न्यायालय में पेश किए जाने की मांग की।
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि न्यायपालिक में उनका पूरा भरोसा है और उनके लिए सभी कानूनी रास्ते खुले हैं।
उन्होंने कहा, "मैं केवल इतना कहना चाहता हूं कि यह कांग्रेस का षड्यंत्र है और गुजरात में सत्ता में आने के लिए वह सत्ता दुरुपयोग कर रही है।"
उन्होंने दावा किया कि सोहराबुद्दीन आतंकवादी था, जो राष्ट्र के खिलाफ षड्यंत्र रचने में शामिल था। कांग्रेस उसे एक तुक्ष्छ अपराधी करार देती है कि गुजरात पुलिस ने उसके घर से एके 46 और 47 राइफलें, 100 हथगोले और एक लाख गोलियां बरामद की थी।
शाह ने मीडिया को तथ्यों की पड़ताल के बाद रिपोर्टिग करने की सलाह देते हुए कहा कि जिन पुलिसकर्मियों को फर्जी मुठभेड़ का आरोपी बनाकर जेल भेजा गया है, उन्होंने आतंकवादी गतिविधियों में शामिल करीब 400 लोगों को पकड़कर जेल भेजा है। मीडिया ने इस तथ्य की अनदेखी की।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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