मप्र विधानसभा में हंगामा, कार्यवाही मंगलवार तक स्थगित
भोपाल, 19 जुलाई (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (सत्तारूढ़) के विधायकों ने भोपाल गैस त्रासदी के मुख्य आरोपी वारेन एंडरसन को भारत लाने व दोषियों को सजा दिलाने की मांग करते हुए सदन में जमकर हंगामा किया। आखिर में विधानसभाध्यक्ष ईश्वर दास रोहाणी को सदन की कार्यवाही मंगलवार तक के लिए स्थगित करना पड़ी।
विधानसभा के मानसून सत्र की शुरूआत दिवंगत लोगों की आत्मा की शांति की कामना के साथ हुई। प्रश्नकाल खत्म होते ही भाजपा विधायकों ने भोपाल गैस त्रासदी के मुद्दे पर हंगामा शुरू कर दिया। दूसरी ओर कांग्रेस विधायकों ने भी प्रदेश सरकार पर जरूरी मुद्दों पर बहस कराने से बचने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। विधानसभाध्यक्ष ने दोनों दलों के विधायकों को शांत रहने की हिदायत दी लेकिन वे नहीं माने। इस पर विधानसभाध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दी।
भाजपा विधायक सदन के भीतर जो तख्तियों लहरा रहे थे उनमें वारेन एंडरसन को भारत लाने, दोषियों पर कार्रवाई और पीड़ितों को मुआवजा दिए जाने जैसी मांगे लिखी थीं। भाजपा विधायकों का आरोप है कि गैस हादसे के समय रही कांग्रेस की तत्कालीन केंद्र और राज्य सरकारों ने आरोपियों की मदद की है लिहाजा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
दूसरी ओर कांग्रेस विधायक आरिफ अकील ने कहा कि प्रदेश सरकार सिर्फ गैस कांड पर मगरमच्छ के आंसू बहा रही है। उन्होंने कहा कि पीड़ितों को मदद की दरकार है जबकि प्रदेश सरकार सिर्फ सियासत कर रही है।
कांग्रेस के उपनेता चौधरी राकेश सिंह का कहना है कि सदन में लोकतंत्र की परंपराओं का पालन नहीं किया गया। संख्या बल के आधार पर सरकार विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार नहीं चाहती कि प्रदेश की समस्याओं और भ्रष्टचार पर चर्चा हो। यही कारण है कि भाजपा विधायकों ने हंगामा किया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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