बांग्लादेश में भारतीय आतंकवादी पर 4 मामले दर्ज
पूर्वोत्तर इलाके में किशोरगंज की एक अदालत ने यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम (उल्फा) से जुड़े दोनों व्यक्तियों को तीन दिन की रिमांड पर रैपिड एक्शन बटालियन (आरएबी) को सौंप दिया।
चौधरी के खिलाफ हथियार, विस्फोटक पदार्थ और आतंकवाद विरोधी कानून के तहत मामला दर्ज किया गया।
समाचार पत्र 'न्यू एज' ने सोमवार को कहा कि चौधरी के मेजर रंजन, प्रदीप रॉय, दीप ज्योति, रंजू बरई और मसूद चौधरी जैसे कई अन्य नाम हैं।
चौधरी (46 वर्ष) और उसके सहायक प्रदीप मराक (57 वर्ष) को शनिवार को मीडिया के सामने पेश किया गया था।
पुलिस गिरफ्तारी से बचने के लिए चौधरी ने मुस्लिम नाम मसूद रखा था। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पुलिस ने उसे छह सप्ताह पहले पकड़ा था।
उसने एक स्थानीय बांग्लादेशी लड़की से विवाह किया। बांग्लादेश पहुंचने वाले भारतीय आतंकवादी अक्सर ऐसा करते हैं।
उल्फा के सैन्य प्रमुख परेश बरुआ के भी बांग्लादेश में होने का संदेह है। उसने भी एक स्थानीय महिला से विवाह किया और अपना नाम जमान नाम रखा है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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