नायडू 2 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे गए (राउंडअप इंट्रो-1)
तेदेपा नेताओं को निषेधाज्ञा का उल्लंघन कर राज्य में प्रवेश करने के आरोप में शुक्रवार को गिरफ्तार किया गया था। उन्हें 19 जुलाई तक धर्माबाद औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) परिसर में ही रखे जाने की संभावना है।
गिरफ्तार किए गए नेताओं में शामिल तेदेपा के सांसदों, विधायकों एवं पूर्व मंत्रियों ने विभिन्न जेलों में जाने से इंकार दिया था, इसलिए अधिकारियों ने उन्हें आईटीआई परिसर में ठहरने की इजाजत दे दी।
महाराष्ट्र के अधिकारियों ने बताया कि धर्माबाद में स्थिति शांतिपूर्ण एवं नियंत्राण में है। किसी जगह से अप्रिय घटना की सूचना नहीं है।
अपने नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध में तेदेपा के कार्यकताओं ने रविवार को राज्यव्यापी प्रदर्शन करने एवं सोमवार को आंध्र प्रदेश बंद रखने का एलान किया है।
तेदेपा नेताओं को आंध्र-महाराष्ट्र सीमा पर शुक्रवार दोपहर को महाराष्ट्र में प्रवेश करते समय गिरफ्तार किया गया था। आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के किसी भी स्थान पर जाने का उन्हें अधिकार है।
धर्माबाद आईटीआई के बाहर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं क्योंकि बाबली संरक्षण समिति ने प्रदर्शन कर नायडू और अन्य 75 तेदेपा नेताओं के वापस जाने की मांग की है।
आंध्र प्रदेश के नेताओं के खिलाफ नारे लगाते हुए आईटीआई परिसर में प्रवेश करने वालों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया और उनको गिरफ्तार भी किया।
तेदेपा के सांसदों, विधायकों और पूर्व मंत्रियों सहित 75 नेताओं ने शुक्रवार रात धर्माबाद औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) में गुजारी और गोदावरी नदी पर बाबली बांध के निरीक्षण की अनुमति नहीं मिलने तक महाराष्ट्र छोड़ने से इंकार कर दिया। उनका आरोप है कि सर्वोच्च न्यायालय और केंद्रीय जल आयोग के निर्देशों का उल्लंघन करके महाराष्ट्र इस बांध का निर्माण कर रहा है।
तेदेपा नेताओं ने कहा कि नायडू और अन्य लोगों ने आईटीआई में रात चटाइयों पर गुजारी। इनमें महिलाएं भी शामिल हैं। गिरफ्तार नेताओं को मूलभूत सुविधाएं भी नहीं दी गईं लेकिन वे अपना विरोध जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। नायडू ने महाराष्ट्र सरकार के खिलाफ राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में शिकायत दर्ज कराने का फैसला किया है।
तेदेपा नेताओं को रोकने के लिए महाराष्ट्र सरकार ने पुलिस बल तैनात किया था और बाबली के आसपास निषेधाज्ञा लागू की थी। पार्टी का आरोप है कि महाराष्ट्र पुलिस ने उसके नेताओं को धोखे से गिरफ्तार किया।
तेदेपा नेताओं से बांध परियोजना को दिखाने का वादा किया गया लेकिन बाद में उनके वाहनों को धर्माबाद आईटीआई की ओर मोड़ दिया गया।
महाराष्ट्र के गृह मंत्री आर.आर.पाटील ने शुक्रवार शाम नायडू से फोन पर बात की और उनको आंध्र प्रदेश लौट जाने की सलाह दी।
नायडू की गिरफ्तारी के विरोध में आंध्र प्रदेश में तेदेपा का विरोध प्रदर्शन जारी है। पार्टी ने शनिवार को जिला अधिकारियों के कार्यालय के बाहर धरना दिया और प्रदर्शन किया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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