येदियुरप्पा ने लौह अयस्क निर्यात पर प्रतिबंध लगाने की मांग की
अवैध खनन के आरोपों का सामना कर रहे रेड्डी बंधुओं को मंत्रिमंडल से निकाले जाने से इंकार करते हुए येदियुरप्पा ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी भी मंत्री के ऊपर लगे आरोप साबित हो जाते हैं तो 24 घंटे के अंदर वह उसका इस्तीफा ले लेंगे।
चिदंबरम से मुलाकात के बाद संवाददाताओं से बातचीत में येदियुरप्पा ने कहा, "मेरे मंत्रिमंडल के किसी भी सदस्य पर कोई आरोप नहीं है और यदि किसी पर लगे आरोप साबित हो जाते हैं तो 24 घंटे के भीतर मैं उसका इस्तीफा ले लूंगा।"
रेड्डी बंधुओं से इस्तीफा मांगने के सवाल पर उन्होंने कहा, "राजनीतिक दुश्मनी के चलते कांग्रेस और जनता दल (सेक्युलर) के नेता पर्यटन मंत्री जनार्दन रेड्डी और राजस्व मंत्री जी. करूणाकर रेड्डी को निशाना बना रहे हैं और उन्हें बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं।"
अवैध खनन के मामलों की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच न कराने पर मुख्यमंत्री के अड़ने के बारे में पूछे जाने पर येदियुरप्पा ने कहा कि लोकायुक्त इस मामले की जांच करने में पूरी तरह सक्षम हैं और उन्हें सभी अधिकार प्राप्त हैं। जो भी दोषी होगा, हम उसके खिलाफ कार्रवाई करेंगे। अवैध खनन रोकने के लिए बेहतर तरीका है कि लौह अयस्क के निर्यात पर ही प्रतिबंध लगा दिया जाए।
इसके बाद देर शाम कर्नाटक की वर्तमान परिस्थिति पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी के निवास पर पार्टी के कोर ग्रुप की बैठक हुई। बैठक के बारे में औपचारिक तौर पर कुछ भी नहीं बताया गया लेकिन सूत्रों के मुताबिक बैठक में आडवाणी ने कहा कि वर्तमान संकट से पार्टी की छवि को नुकसान हो रहा है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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