चिकित्सा शिक्षा के मुद्दे पर मंत्रालयों में बनी सहमति
इस नई परिषद का गठन प्रस्तावित राष्ट्रीय उच्च शिक्षा एवं शोध आयोग (एनसीएचईआर) के अंतर्गत किया जाएगा।
मानव संसाधन मंत्रालय और स्वास्थ्य मंत्रालय इस मुद्दे को लेकर तब आमने-सामने आ गए थे जब मानव संसाधन मंत्रालय ने चिकित्सा शिक्षा को अपने मंत्रालय में शामिल करने की बात कही थी जो कि अभी तक स्वास्थ्य मंत्रालय के अंतर्गत आता है। पिछले दो महीनों से इस मामले में दोनों मंत्रालयों के बीच खींचतान जारी थी लेकिन अब इसके नियमन के लिए एक नई परिषद का गठन करने पर सहमति बन गई है।
दोनों मंत्रालय के अधिकारियों के बीच बैठकों की लंबी श्रंखला के बाद यह बीच का रास्ता निकाला गया कि एनसीएचईआर के विधेयक को संशोधित करके उसमें स्वास्थ्य और मानव संसाधन मंत्रालय दोनों के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाए।
मानव संसाधन मंत्रालय (एचआरडी) के एक अधिकारी ने आईएएनएस से कहा, "मान्यता देने की प्रक्रिया एचआरडी मंत्रालय के नियमों के अनुरूप होगी लेकिन चिकित्सा शिक्षा का क्षेत्र विशिष्ट होने के कारण इसमें स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों को भी शामिल किया जाएगा।"
फिलहाल भारतीय चिकित्सा परिषद चिकित्सा शिक्षा का नियमन करती है और यही चिकित्सा महाविद्यालयों को मान्यता देती है।
उन्होंने कहा, "यह विभाग स्वास्थ्य मंत्रालय की समिति के अंतर्गत रहेगा और महाविद्यालयों को मान्यता देने से पहले एनसीएचईआर इस परिषद से विचार-विमर्श करेगा।"
अधिकारी ने कहा कि हालांकि इस संबंध में अंतिम फैसला मंत्रिमंडलीय समूह की बैठक में लिया जाएगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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