बिहार में घोटाले की सीबीआई जांच के आदेश पर बयानबाजी तेज
लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) ने जहां मुख्यमंत्री से इस्तीफे की मांग की है, वहीं कांग्रेस केंद्र द्वारा भेजे गए पैसे के दुरुपयोग की बात कर रही है। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने जांच के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि इससे सुशासन की पोल खुल जाएगी।
कांग्रेस के नेता एवं केंद्रीय संचार मंत्री सचिन पायलट ने शुक्रवार को पटना में कहा कि बिहार सरकार केंद्र द्वारा पैसा नहीं देने की बात करती रही है, लेकिन महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार कानून सहित कई विकास योजनाओं में 12 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का घोटला सामने आने के बाद इस सरकार की पोल खुल गई। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार गरीबों के लिए पैसा भेजते रही है और यहां खर्च नहीं कर उसका घोटाला किया गया। जनता सरकार से अपने पैसों का हिसाब जरूर मांगेगी।
इधर, पासवान ने मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी को बर्खास्त करने की मांग भी की है। उन्होंने कहा कि उपमुख्यमंत्री को इस कुर्सी पर तब तक नहीं बैठना चाहिए, जब तक वह इस आरोप से बरी नहीं हो जाते। उन्होंने इस घोटाले को चारा घोटाले से भी बड़ा घोटला बताया।
उल्लेखनीय है कि पटना उच्च न्यायालय ने गुरुवार को बिहार की विभिन्न विकास योजनाओं में वित्तीय अनियमितताओं की जांच सीबीआई से कराने के आदेश दिए हैं।
न्यायालय ने अधिवक्ता अरविंद कुमार शर्मा की एक लोकहित याचिका की सुनवाई के बाद एक अप्रैल 2002 से 31 मार्च 2008 के बीच विकास की विभिन्न योजनाओं में वित्तीय अनियमितताओं की जांच सीबीआई से कराने के आदेश दिए हैं। इस मामले में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी सहित 47 वरिष्ठ अधिकारियों को आरोपी बनाया गया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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