मेंटल हेल्थ के मोर्चे पर बड़ा कदम, आंकड़ा 300 पार, IMHA बना देश का सबसे बड़ा नेटवर्क

नई दिल्ली, 30 अप्रैल 2026: इंडिया मेंटल हेल्थ अलायंस (IMHA) ने आज घोषणा की कि उसने 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 300 सदस्य संगठनों का आंकड़ा पार कर लिया है, जो भारत के लगातार विकसित हो रहे मानसिक स्वास्थ्य इकोसिस्टम के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

यह विकास केवल एक ग्रोथ को नहीं दर्शाता बल्कि ये विभिन्न हितधारकों के बीच बढ़ते सहयोग, साझा सीख और समन्वित प्रयासों की ओर हो रहे व्यापक बदलाव का संकेत है, खासकर उस मानसिक स्वास्थ्य क्षेत्र में, जो लंबे समय से अलग-अलग हिस्सों में बंटा रहा है।

India Mental Health Alliance की स्थापना इसी विश्वास पर की गई थी कि मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं में वास्तविक और सार्थक प्रगति तभी संभव है, जब क्लिनिकल विशेषज्ञता और लोगों के जीवन के वास्तविक अनुभवों को एक साथ जोड़ा जाए, और इसमें परोपकार, सरकार और निजी क्षेत्र से सामूहिक रूप से संसाधनों का सहयोग भी शामिल हो।

India Mental Health Alliance crosses

इंडिया मेंटल हेल्थ अलायंस (IMHA) ने आज घोषणा की कि उसने 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 300 से ज़्यादा सदस्य संगठनों का आंकड़ा पार कर लिया है। यह भारत के लगातार विकसित हो रहे मानसिक स्वास्थ्य इकोसिस्टम के लिए एक अहम पड़ाव है। यह उपलब्धि सिर्फ़ विकास का एक मील का पत्थर ही नहीं है, बल्कि यह सभी संबंधित पक्षों के बीच एक बड़े बदलाव को भी दर्शाती है। अब सभी पक्ष मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में ज़्यादा सहयोग, आपसी सीख और मिलकर काम करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं, जबकि लंबे समय से यह क्षेत्र अलग-अलग हिस्सों में बंटा हुआ था।

IMHA की स्थापना इस भरोसे के साथ की गई थी कि मानसिक स्वास्थ्य देखभाल के क्षेत्र में सार्थक प्रगति तभी संभव है, जब इसमें क्लिनिकल विशेषज्ञता और वास्तविक अनुभवों की विशेषज्ञता को एक साथ लाया जाए। साथ ही, इसमें परोपकारी संस्थाओं, सरकार और निजी क्षेत्र से सामूहिक रूप से संसाधनों को जुटाने का भी सहयोग मिले।

IMHA की सह-संस्थापक नेहा कृपाल ने कहा, '300 सदस्यों तक पहुंचना इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह सभी के लिए नई संभावनाएं खोलता है। जब अलग-अलग क्षेत्रों के संगठन एक साझा गठबंधन के तहत जुड़ते हैं, अपने-अपने सांस्कृतिक संदर्भों के आधार पर ज़मीनी अनुभव साझा करते हैं और मिलकर अपनी क्षमताएं बढ़ाते हैं तो पूरा इकोसिस्टम और भी मज़बूत और असरदार बन जाता है। IMHA की भूमिका एक उत्प्रेरक और सूत्रधार के तौर पर काम करने की रही है; इसने ऐसी साझेदारियों और रास्तों की संभावनाएँ पैदा की हैं, जिनके ज़रिए ज्ञान, विशेषज्ञता और सहयोग पूरे देश में ज़्यादा आसानी से पहुंच सके। 'विकसित भारत' की ओर हमारी यात्रा में, मानसिक स्वास्थ्य को हाशिए से निकालकर मुख्यधारा में लाने और इसे एक विकास प्राथमिकता बनाने के लिए इस तरह के सहयोगात्मक बुनियादी ढांचे का होना बेहद ज़रूरी है।'

पिछले एक साल में, यह विज़न एक केंद्रित प्रयास में बदल गया है - मानसिक स्वास्थ्य इकोसिस्टम में लोगों को आपस में जोड़ना, उन्हें एक मंच पर लाना, सहयोग करना और उनकी क्षमता का विकास करना। पिछले एक साल में इन लक्ष्यों को हासिल करने की दिशा में IMHA की मुख्य पहलें ये रही हैं:

  • सभी सदस्यों, फंड देने वालों और सार्वजनिक संस्थानों के लिए एक राष्ट्रीय सदस्य डायरेक्टरी, जिसमें पूरे भारत के संगठनों से जुड़ने के लिए QR-enabled discoverability tools मौजूद हैं।
  • सक्रिय डिजिटल समुदाय, जिसमें पूरे देश में सक्रिय एक WhatsApp ग्रुप भी शामिल है।
  • हर महीने खास तौर पर तैयार किए गए सेशन और दुनिया भर के विशेषज्ञों के साथ सलाह-मशविरे के ज़रिए सदस्यों की क्षमता बढ़ाना; इन विषयों में युवाओं का मानसिक स्वास्थ्य, अपने अनुभव से मिली विशेषज्ञता, जन स्वास्थ्य का एकीकरण, अलग-अलग क्षेत्रों के प्रोग्राम और फंड देने वालों व सरकार के साथ जुड़ाव शामिल हैं।

ये सभी प्रयास मिलकर संगठनों को एक-दूसरे को खोजने, ज्ञान का आदान-प्रदान करने और पूरे देश में अधिक प्रभावी ढंग से सहयोग करने में मदद कर रहे हैं। इन संपर्कों को आगे बढ़ाते हुए, IMHA ने इकोसिस्टम-निर्माण के एक मुख्य स्तंभ के रूप में 'एकजुट होने' को भी प्राथमिकता दी है।

इसके लिए, IMHA ने संगठनों को एक साथ आने, विचारों का आदान-प्रदान करने और आपसी साझेदारी बनाने के लिए मंच तैयार किए हैं। अपनी हाल ही में शुरू की गई 'Connecting India for Mental Health' (मानसिक स्वास्थ्य के लिए भारत को जोड़ना) शृंखला के माध्यम से, IMHA ने मुंबई में अपनी पहली क्षेत्रीय बैठक आयोजित की, इसके बाद होने वाले कार्यक्रम इन स्थानों पर नियोजित हैं:

● गुवाहाटी (मई 2026)
● चेन्नई (अगस्त 2026)
● बेंगलुरु (दिसंबर 2026)

यह पहल पिछले वर्ष आयोजित India Mental Health Alliance के पहले वार्षिक सम्मेलन से मिली गति को आगे बढ़ाती है, जो देशभर के 130 से अधिक सदस्यों की एक महत्वपूर्ण बैठक थी, जहां गहन संवाद और साझेदारी को मजबूत करने पर जोर दिया गया। इसी क्रम में, वार्षिक सम्मेलन के दूसरे संस्करण की घोषणा जल्द ही की जाएगी, जिसका आयोजन अक्टूबर/नवंबर 2026 में प्रस्तावित है।

साझा सीखने की यह संस्कृति India Mental Health Alliance के 'नॉलेज सेंटर' के माध्यम से और मजबूत होती है, जो भारत-विशिष्ट और विश्वसनीय मानसिक स्वास्थ्य संसाधनों का एक महत्वपूर्ण केंद्र है। इस प्लेटफ़ॉर्म पर वर्तमान में 300 से अधिक चयनित संसाधन उपलब्ध हैं, जिनमें टूलकिट, क्षमता-विकास सामग्री, जीवन अनुभव आधारित संसाधन, कानून एवं नीतियाँ, परिदृश्य रिपोर्ट और डेटा-आधारित अंतर्दृष्टियाँ शामिल हैं।

गैर-सरकारी संगठनों, फंडर्स, नीति-निर्माताओं, छात्रों और मानसिक स्वास्थ्य पेशेवरों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया यह नॉलेज सेंटर अब भारतीय विशेषज्ञों द्वारा वीडियो-आधारित शिक्षण और अधिक क्षेत्रीय भाषाओं की सामग्री के साथ विस्तार करेगा, ताकि इसकी प्रासंगिकता और गहराई को और बढ़ाया जा सके।

इंडिया मेंटल हेल्थ अलायंस की संस्थापक चेयरपर्सन, वासवी भारत राम ने कहा कि 'एक सचमुच विकसित भारत को मानसिक रूप से भी स्वस्थ भारत होना चाहिए। आर्थिक विकास, शैक्षिक परिणाम, कार्यबल की उत्पादकता और सामाजिक एकता, ये सभी नागरिकों के मानसिक स्वास्थ्य से गहरे तौर पर जुड़े हुए हैं।'

'इसे बनाने के लिए कई मोर्चों पर समन्वित निवेश, दूरगामी सोच और साझा ज़िम्मेदारी की ज़रूरत होती है - जिसमें संस्थागत क्षमता निर्माण और कार्यबल के विकास से लेकर ज्ञान के सृजन और देखभाल की समग्र गुणवत्ता को बेहतर बनाना शामिल है। परोपकारी पूंजी, सरकारी फंडिंग और निजी क्षेत्र के निवेश - इन सभी की एक अलग भूमिका है, ताकि एक ऐसा मानसिक स्वास्थ्य इकोसिस्टम बनाया जा सके जो भारत की ज़रूरतों के हिसाब से ज़्यादा सुलभ, मज़बूत और जवाबदेह हो।'

द इंडिया मेंटल हेल्थ अलायंस के बारे में खास बातें

इंडिया मेंटल हेल्थ अलायंस (IMHA) एक सेक्शन 8 गैर-लाभकारी संगठन है, जिसे 2023 में Vasvi और Ashish Bharat Ram, Amaha Health और Children First की साझेदारी के रूप में शुरू किया गया था। IMHA एक बहु-क्षेत्रीय संगठन है जो हितधारकों को एक साथ लाकर, क्षमता निर्माण करके और बड़े पैमाने पर सहयोग को बढ़ावा देकर भारत के मानसिक स्वास्थ्य इकोसिस्टम को मजबूत करने की दिशा में काम करता है।

30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 300 बहु-क्षेत्रीय सदस्य संगठनों के बढ़ते राष्ट्रीय गठबंधन के रूप में, IMHA मौजूदा ताकतों को जुटाने, देखभाल में मौजूद कमियों की पहचान करने और पूरे भारत में बेहतर समन्वय और सहयोग को संभव बनाने में मदद करता है।

इसके क्षमता-निर्माण के प्रयास बहु-माध्यम ज्ञान-साझाकरण और सीखने की पहलों के माध्यम से सामुदायिक संगठनों, स्वास्थ्य सेवा और शैक्षणिक संस्थानों, साथ ही व्यक्तिगत मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का समर्थन करते हैं। IMHA एक बढ़ते हुए 'नॉलेज सेंटर' (ज्ञान केंद्र) का भी संचालन करता है, जिसमें मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी तक सभी की पहुंच को आसान बनाने के लिए 300 से अधिक चुनिंदा बहुभाषी संसाधन उपलब्ध हैं।

अपने सभी कामों के ज़रिए, IMHA का लक्ष्य मानसिक स्वास्थ्य को राष्ट्रीय विकास की प्राथमिकता के तौर पर मुख्यधारा में लाना है, देखभाल की गुणवत्ता में सुधार करना है; देखभाल के डिज़ाइन और तरीकों में 'Lived Experience Expertise' (LEE) को शामिल करना है; मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में सामाजिक न्याय का समर्थन करना है; और पूरे भारत में व्यवस्थित, बड़े पैमाने पर लागू होने वाले समाधानों को समर्थन देने के लिए ज़्यादा से ज़्यादा लंबे समय तक चलने वाली, बिना किसी रोक-टोक के परोपकारी पूंजी जुटाना है।

अधिक जानकारी के लिए, कृपया संपर्क करें:

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