रियान पराग पर BCCI मेहरबान, ई-सिगरेट मामले में सस्ते में छोड़ा, आखिर क्या फैसला आया
Riyan Parag: राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग पर आईपीएल की आचार संहिता के उल्लंघन के लिए कार्रवाई की गई है, हालांकि उनकी सजा ऊंट के मुंह में जीरा समान है। दुनिया भर में बीसीसीआई की बेइज्जती हुई लेकिन बोर्ड की मेहरबानी इस खिलाड़ी पर बनी रही है।
मैच फीस का 25% जुर्माना लगाया गया है। पंजाब किंग्स के खिलाफ खेले गए मैच नंबर 40 के दौरान यह कार्रवाई की गई। जुर्माने के साथ ही रियान के खाते में एक 'डिमेरिट पॉइंट' भी जोड़ दिया गया है।

यह कार्रवाई आईपीएल की आचार संहिता की धारा 2.21 के तहत की गई है, जो खेल की गरिमा को नुकसान पहुंचाने वाले आचरण से संबंधित है। मामला मैच की दूसरी पारी के दौरान का है जब रियान पराग को ड्रेसिंग रूम के भीतर 'वेप' (vape) का इस्तेमाल करते हुए देखा गया था। खेल भावना और नियमों के खिलाफ होने के कारण लीग अधिकारियों ने इसे गंभीरता से लिया और उन पर यह आर्थिक दंड लगाया।
रियान पराग को मिला था नोटिस
बीसीसीआई और राजस्थान रॉयल्स मैनेजमेंट के सूत्रों के अनुसार रियान पराग को गुरुवार (30 अप्रैल) की सुबह नोटिस थमा दिया गया है। हालांकि पराग के पास इस फैसले के खिलाफ अपील करने का अधिकार है, लेकिन ऐसा करने पर मामले की जांच और कानूनी कार्रवाई और बढ़ सकती है। जानकारी मिली है कि पराग इस जुर्माने को स्वीकार कर लेंगे और विवाद को यहीं खत्म कर आगे बढ़ेंगे।
पराग ने क्यों नहीं की अपील
पराग के पास अपनी सजा स्वीकार करने के अलावा अन्य कोई विकल्प भी नहीं था। वैपिंग भारत में कानूनन बैन है, ऐसे में उनकी मुश्किलें और ज्यादा बढ़ सकती थीं। इसी वजह से चुपचाप मामले को खत्म कर दिया गया। बताया जाता है कि बीसीसीआई में भी रियान पराग की अच्छी पकड़ है, उनके होम स्टेट असम के कुछ लोग बोर्ड में पदाधिकारी हैं। इस वजह से भी आरोप लगते रहे हैं कि बड़े प्लेयर्स के बावजूद पराग को राजस्थान रॉयल्स का कप्तान बनाया गया है।












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