ठोस प्रगति नहीं, पर जारी रहेगी वार्ता
इस्लामाबाद, 16 जुलाई (आईएएनएस)। भारत और पाकिस्तान के विदेश मंत्रियों के बीच गुरुवार को हुई वार्ता की कोई ठोस उपलब्धि भले ही न रही हो लेकिन दोनों देश बातचीत को जारी रखने पर जरूर सहमत हुए हैं।
दोनों देशों के अधिकारी विदेश मंत्री एस. एम. कृष्णा और उनके पाकिस्तानी समकक्ष शाह महमूद कुरैशी के बीच सात घंटों तक चली वार्ता में विश्वास की बहाली के लिए किसी ठोस कदम की ओर नहीं बढ़ने पर एक दूसरे को जिम्मेदार मानते हैं।
पाकिस्तानी अधिकारियों का जोर इस बात पर है कि भारत 'मुख्य मुद्दों' पर बातचीत को इच्छुक नहीं था जबकि भारतीय अधिकारी इस्लामाबाद पर मुद्दों से भटकने का आरोप लगाते हैं।
एक भारतीय अधिकारी ने कहा कि पाकिस्तान मुंबई हमले के षड्यंत्रकारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए समय सीमा तय करने के लिए तैयार नहीं था। भारत का यह कहना रहा है कि लश्कर-ए तैयबा के सरगना हाफिज सईद सहित मुंबई हमले के दोषियों पर ठोस कार्रवाई किए बिना द्विपक्षीय वार्ता में आगे नहीं बढ़ा जा सकता।
भारतीय अधिकारी कहते हैं, "सिर्फ सईद पर कार्रवाई करने की बात नहीं है बल्कि हमने कई और लोगों (आतंकवादियों) के खिलाफ ठोस सबूत मुहैया करवाए हैं परंतु अब तक उस पर कोई पहल नहीं की गई।"
दोनों देश कश्मीर को लेकर दो ध्रुवों पर नजर आते हैं। भारत का पक्ष है कि जम्मू एवं कश्मीर के मौजूदा हालात और वहां कानून-व्यवस्था कायम करना उसका आंतरिक मामला है लेकिन पाकिस्तान भारतीय रुख से पूरी तरह असहमत होकर इसे 'मानवाधिकारों के उल्लंघन' से जोड़कर देख रहा है।
पाकिस्तान की ओर से मुंबई में जीवित पकड़े गए एकमात्र आतंकवादी अजमल आमिर कसाब से पूछताछ की मांग पर भारतीय अधिकारियों का कहना है कि पाकिस्तान की इस मांग का कोई मतलब नहीं है।
एक अधिकारी ने कहा, "पाकिस्तान के आग्रह का कोई मतलब नहीं है। हमने उन्हें बता दिया है कि उन्हें कसाब के कबूलनामे की आधिकारिक दस्तावेजों से संतुष्ट हो जाना चाहिए।"
कृष्णा ने कहा कि उन्होंने कुरैशी को नई दिल्ली आने का निमंत्रण दिया है। इससे स्पष्ट है कि विभिन्न मुद्दों पर मतभेदों के बावजूद दोनों देश आगे भी बातचीत करने पर सहमत हैं।
गौरतलब है कि कृष्णा और कुरैशी के बीच गुरुवार को यहां के विदेश मंत्रालय में बातचीत हुई। दोनों नेताओं के संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में स्पष्ट हो गया कि इस बातचीत में कोई ठोस प्रगति नहीं हुई।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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