पुलिस गोलीबारी के बाद श्रीकाकुलम में तनाव बरकरार
श्रीकाकुलम जिले के सोमपेटा इलाके और समीप के गांवों के लोग अपने घरों से पलायन कर गए हैं क्योंकि हिंसा के जिम्मेदार लोगों को पकड़ने के लिए पुलिस बल लगातार छापेमारी कर रहे हैं।
करीब एक दर्जन गांवों में सैकड़ों सशस्त्र पुलिसकर्मियों को लगाया गया है और प्रस्तावित बिजली संयंत्र के विरोध में नए प्रदर्शनों को रोकने के लिए पांच या अधिक व्यक्तियों के एक स्थान पर जमा होने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
एक ग्रामीण ने कहा, "सुरक्षाकर्मी हमें अपने घरों से नहीं निकलने दे रहे हैं। इससे कर्फ्यू जैसी स्थिति बन गई है। हर स्थान पर पुलिस तैनात है, हम डर में जी रहे हैं। किसी भी समय कुछ भी हो सकता है।"
परियोजना का काम रोकने का प्रयास कर रहे लोगों पर पुलिस की गोलीबारी में दो मछुआरों की मौत हुई। ग्रामीणों का कहना है कि संयंत्र के बनने से पर्यावरण प्रभावित होगा और उनकी आजीविका पर संकट आएगा। अपुष्ट खबरों के अनुसार गोलीबारी में चार लोगों की मौत हुई।
पत्थराव और पुलिस के लाठीचार्ज में करीब 150 लोग घायल हुए। घायलों में 45 पुलिसकर्मी हैं।
नागार्जुन निर्माण कंपनी 1,200 करोड़ रुपये की लागत से 2,640 मेगावॉट क्षमता वाले बिजली संयंत्र का निर्माण कर रही है।
क्षेत्र के किसान और मछुआरे इस परियोजना के खिलाफ हैं क्योंकि यह समुद्र तट के समीप 1,890 एकड़ जमीन पर बन रही है। उनको भय है कि इससे पर्यावरण को नुकसान होगा और उनकी आजीविका खत्म हो जाएगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
*












Click it and Unblock the Notifications