ईबे पर 38 लाख डॉलर का मुकदमा
समाचार एजेंसी डीपीए के अनुसार एक्सपीआरटी वेंचर्स के वकील ने दावा किया है कि गोपनीय समझौते पर हस्ताक्षर होने के बाद ईबे के साथ ऑनलाइन भुगतान प्रणाली की जानकारियों को साझा किया गया था लेकिन बाद में ईबे ने इसे पेटेंट कराने का आवेदन कर दिया। यह आवेदन इसलिए खारिज कर दिया गया क्योंकि एक्सपीआरटी पहले ही इसे पेटेंट कराने के लिए आवेदन कर चुकी थी।
उधर ईबे का कहना है कि मामले में कोई दम नहीं है।
कंपनी के एक प्रतिनिधि ने कहा कि दायर की गई शिकायत की हम समीक्षा कर रहे हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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