रूसी जासूसों के साथ विमान मास्को पहुंचा (लीड-4)
विएना/मास्को, 9 जुलाई (आईएएनएस)। रूस के 10 जासूसों को लेकर विएना से उड़ा रूसी विमान माना जा रहा है कि मास्को के दोमोदेदोवो हवाईअड्डे पर उतर गया है। यह जानकारी समाचार एजेंसी इंटरफैक्स ने दी है।
दरअसल, अमेरिका और रूस के बीच अब तक की सबसे बड़ी अदला-बदली के बाद दोनों देशों के विमानों ने कुछ घंटे पहले ही अपने-अपने जासूसों को लेकर आस्ट्रिया की राजधानी विएना से उड़ान भरी थी।
इस बीच रूस द्वारा छोड़े गए चार अमेरिकी जासूसों को लेकर उड़ा विमान ब्रिटेन के एक वायुसेना हवाईअड्डे पर उतर गया है।
प्रेस एसोसिएशन ने खबर दी है, "यह समझा जाता है कि रूस द्वारा रिहा किए गए चार एजेंटों को लेकर बोइंग 767-200 आक्सफोर्डशायर में आरएएफ ब्रिजे नार्टन पर उतरा।"
प्रेस एसोसिएशन ने कहा कि विदेश मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय ने किसी तरह की टिप्पणी से इंकार कर दिया है।
इसके पहले बीबीसी ने खबर दी थी कि चार अमेरिकी और 10 रूसी जासूसों की अदला-बदली विएना अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डे पर संपन्न हुई।
रूसी विमान याकोवलेव याक-42 ने अपराह्न् लगभग 12.30 बजे, और विजन एयरलाइंस से संबद्ध अमेरिकी विमान ने 15 मिनट बाद उड़ान भरी थी।
दोनों देशों के बीच यह अदला-बदली तब हुई है, जब रूसी राष्ट्रपति दमित्री मेदवेदेव ने चार अमेरिकी जासूसों को दोष स्वीकर करने के बाद शुक्रवार तड़के माफी दे दी।
अमेरिका ने भी 10 रूसी जासूसों को रिहा कर रूस को सौंप दिया। इन सभी ने गुरुवार को न्यूयार्क संघीय अदालत में रूस के लिए जासूसी करने का अपराध कबूल किया था।
दोनों देशों ने रजामंदी से जासूसों की अदला-बदली के बारे में एक महत्वपूर्ण समझौता किया है।
समाचार एजेंसी आरआईए नोवोस्ती के अनुसार रूस के विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को जारी बयान में इस बात की पुष्टि की थी कि 10 रूसी 'जासूसों' को स्वदेश लाया जा रहा है और इसके बदले में चार अमेरिकी 'जासूसों' को रिहा कर दिया गया है। रूसी 'जासूसों' की गिरफ्तारी के सिर्फ 11 दिनों बाद ही दोनों देशों ने इस तरह के समझौते पर सहमति दी है। उल्लेखनीय है कि 27 जून को अमेरिकी संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई) ने कई शहरों से 10 रूसी जासूसों को गिरफ्तार किया था। इनमें पांच पुरुष और पांच महिलाएं थीं।
रूसी विदेश मंत्रालय ने कहा कि दोनों देशों के बीच यह सहमति रूस-अमेरिका संबंधों में सुधार के मकसद से भी बनी है। वैसे इस समझौते के संदर्भ में अमेरिकी सरकार की ओर से भी यही बात कही गई है।
अमेरिकी न्याय विभाग की ओर से गुरुवार को रूस के संदिग्ध जासूसों को रिहा करने का ऐलान किया गया। इससे कुछ देर पहले ही न्यूयार्क की एक अदालत में सभी रूसी संदिग्ध जासूसों ने अपने जुर्म कबूल कर लिए। इन लोगों को आस्ट्रिया की राजधानी विएना ले जाया गया है जहां से इन्हें रूस के सुपुर्द कर गया।
अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार अमेरिका के चारों कथित जासूसों को पश्चिमी देशों की खुफिया एजेंसियों के लिए काम करने के आरोप में रूस में हिरासत में लिया गया था और इन्हें दोषी करार दिया गया था। इन चार कथित जासूसों में परमाणु शोधकर्ता इगोर सुतियागिन भी हैं। वह बीते 11 वर्षो से रूस की कैद में थे। उनके अलावा तीन अन्य के नाम अलेकजेंडर जापोरोझस्की, अलेकजेंडर सिपाचेव और सर्गई स्क्रिपल हैं।
मास्को में रूसी राष्ट्रपति दिमित्री मेदवेदेव ने इन चारों लोगों को क्षमा दे दी। इन चारों कथित जासूसों ने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर क्षमा की गुहार लगाई थी। मेदवेदेव के इस कदम पर रूसी सरकार के अधिकारियों ने कहा, "इस समझौते से अमेरिका-रूस संबंधों में नई ताजगी और दोनों राष्ट्रपतियों के बीच उच्च स्तर की आपसी समझ उजागर हुई है।"
अमेरिकी समाचार पत्र 'न्यूयार्क टाइम्स' के ऑनलाइन संस्करण के अनुसार व्हाइट हाउस के प्रवक्ता ने कहा कि दोनों देश आगे भी जरूरत पड़ने पर एक दूसरे के साथ सहयोग करते रहेंगे और बीते कुछ दिनों के घटनाक्रम का द्विपक्षीय संबंधों पर किसी तरह का नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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