मुख्यमंत्री ने पेश किया रिपोर्ट कार्ड (लीड-1)
सरकार के कामकाज के बारे में 100 पृष्ठों से ज्यादा का रिपोर्ट कार्ड पेश करते हुए उन्होंने कहा कि बिहार में बदलाव आ रहा है। कल तक यहां जो आतंक और भय का वातावरण था वहां अब कानून का राज नजर आ रहा है। उन्होंने सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए कहा कि सरकार ने राज्य में जहां बुनियादी ढांचे पर जोर दिया, वहीं मानव के विकास पर भी ध्यान दिया।
उन्होंने दावा किया कि सरकार ने समाज में दिलों को जोड़ने के लिए विश्वास सेतु बनाया। यही कारण है कि कुछ समय पूर्व जिस राज्य की पहचान हिंसा के कारण होती थी उसकी पहचान विकास और सामाजिक सौहार्द के रूप में होने लगी है। उन्होंने दावा कि कि राज्य सरकार ने इन वर्षो में 40 से ज्यादा योजनाओं को प्रारंभ किया।
शिक्षा, स्वास्थ्य, जनकल्याण के अलावे राज्य में शांति स्थापित करने के लिए कई कार्य किए गए। भ्रष्टाचार और अपराध उन्मूलन, मुख्यमंत्री साइकिल योजना, विद्यार्थियों की पोषाक योजना समेत कई विकास योजनाओं की इसमें चर्चा की गई है।
उन्होंने कहा कि राज्य में विकास की रफ्तार तेज हो गई है और अगर यही स्थिति रही तो बिहार वर्ष 2015 तक विकसित राज्य बन जाएगा तथा उसकी पहचान पुराने गौरवशाली इतिहास की तरह हो जाएगी।
इस मौके पर उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी समेत राज्य के सभी मंत्री तथा वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री प्रति वर्ष सरकार का रिपोर्ट कार्ड जारी करते हैं परंतु इस वर्ष के अंत में संभावित चुनाव को देखते हुए छह महीने में ही रिपोर्ट कार्ड जारी किया गया। वर्ष 2009 में रिपोर्ट कार्ड 60 पन्ने का था।
मुख्यमंत्री बनते ही नीतीश ने घोषणा की थी कि सरकार अपने कामकाज का प्रत्येक वर्ष रिपोर्ट कार्ड जारी करेगी। प्रत्येक वर्ष 24 नवंबर को रिपोर्ट कार्ड जारी किया जाता था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications