नक्सली बंद : रेलवे को बनाया निशाना, 7 की मौत (राउंडअप)
इस दौरान नक्सलियों ने बिहार, झारखण्ड, उड़ीसा और छत्तीसगढ़ में कई हिंसक वारदातों को भी अंजाम दिया। अलग-अलग घटनाओं में एक पुलिसकर्मी, एक कांग्रेसी नेता के करीबी व उसके सहायक सहित चार नक्सली भी मारे गए।
झारखण्ड में नक्सलियों ने एक पुलिसकर्मी की हत्या कर दी तथा हेगारा रेलवे स्टेशन की इमारत और पटरी को विस्फोट से उड़ा दिया। धनबाद रेलवे स्टेशन के जनसंपर्क अधिकारी अमरेंद्र दास ने बताया, "दो अलग-अलग घटनाओं में नक्सलियों ने हेगारा रेलवे स्टेशन की इमारत और निचितपुर के निकट पटरी को विस्फोट से उड़ा दिया।"
दास ने बताया कि लातेहार जिले के हेगारा रेलवे स्टेशन पर 100-120 के बीच नक्सलियों ने करीब 1.45 बजे धावा बोलकर उसे डायनामाइट से उड़ा दिया। नक्सलियों ने रेलवे के दो कर्मचारियों को भी अगवा कर लिया लेकिन बाद में उन्हें छोड़ दिया। नक्सलियों ने मुठभेड़ के दौरान एक पुलिसकर्मी की हत्या कर दी।
एक अन्य घटना में धनबाद जिले में निचितपुर हाल्ट के निकट नक्सलियों ने पटरी को विस्फोट से उड़ा दिया। पश्चिमी सिंहभूम जिले के किरुईबूरू में नक्सलियों ने पानी के एक पंप स्टेशन को आग के हवाले कर दिया। नक्सलियों के बंद को देखते हुए रेल अधिकारियों ने सात रेलगाड़ियां रद्द कर दी।
छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में बुधवार देर रात हथियारबंद नक्सलियों ने एक कांग्रेसी नेता के आवास पर धावा बोल कर उनके एक संबंधी व उसके सहायक की हत्या कर दी और लगभग उसी समय एक पुलिस थाने पर भी हमला किया। पुलिस के मुताबिक सुरक्षा बलों की जवाबी कार्रवाई में कम से कम चार नक्सली भी मारे गए।
छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक विश्वास रंजन ने आईएएनएस को बताया, "नक्सलियों को भी इसकी कीमत चुकानी पड़ी। कम से कम तीन नक्सली उस समय मारे गए जब राजनीतिज्ञ के आवास पर तैनात सुरक्षाकर्मियों ने जवाबी कार्रवाई की। एक अन्य नक्सली थाने पर हुए हमले के दौरान सुरक्षा बलों की जवाबी कार्रवाई में मारा गया।"
उधर, उड़ीसा के क्योंझर जिले में नक्सलियों ने एक पुलिस स्टेशन की इमारत को आग के हवाले कर दिया तथा एक पुलिस अधिकारी को अगवा कर लिया। दैतारी कस्बे में स्थित पुलिस स्टेशन पर महिलाओं सहित 30-40 हथियारबंद नक्सलियों ने देर रात धावा बोलकर काफी तोड़फोड़ की और उसके बाद उसे आग के हवाले कर दिया।
पुलिस महानिरीक्षक(ऑपरेशन) संजीव मारिक ने आईएएनएस को बताया, "पुलिस स्टेशन में केवल एक सहायक उपनिरीक्षक और एक कांस्टेबल मौजूद थे। नक्सलियों ने पुलिस अधिकारी को अगवा कर लिया जबकि कांस्टेबल भागने में सफल हो गया।"
उड़ीसा के दूर-दराज के इलाकों में सड़क और रेल यातायात प्रभावित हुआ। मल्कानगिरी और रायगढ़ा जिलों के कुछ इलाकों में यातायात पर असर पड़ा और रायगढ़ा में सरकारी बसें नही चलीं। नक्सलियों ने कंधमाल जिले में भी कई जगह सड़क अवरुद्ध कर दिया जिससे यातायात बाधित रहा।
पश्चिम बंगाल के पश्चिमी मिदनापुर जिले में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के सात सदस्यों और समर्थकों के मकान जला दिए। पुलिस उपाधीक्षक अनीष सरकार ने कहा कि हथियारों से लैस नक्सलियों के एक समूह ने सुबह सालबोनी में ग्राम पंचायत के पूर्व प्रमुख के मकान पर हमला कर उसको आग लगा दी।
इसके बाद नक्सलियों ने माकपा की एक स्थानीय कमेटी के सदस्य और पार्टी के पांच समर्थकों के मकानों को आग लगा दी। बंद के कारण झारग्राम जिले में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित रहा। यातायात पूरी तरह ठप्प रहा और दुकाने, बाजार और सरकारी दफ्तर बंद रहे।
झारग्राम के पुलिस अधीक्षक प्रवीण त्रिपाठी ने आईएएनएस से कहा, "इलाके में शांति व्यवस्था बरकरार है।"
बांकुरा जिले में सारिंगा और बारिकुल इलाके बंद से प्रभावित हुए । पुरूलिया के पुलिस अधीक्षक राजेश यादव के मुताबिक यहां बंद का ज्यादा असर गांवों में हुआ। वाहन नहीं चले और बाजार एवं दुकाने बंद रही।
बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों में बंद का व्यापक असर देखा गया। राज्य के नक्सल प्रभावित जिलों औरंगाबाद, गया, अरवल, जहानाबाद, मुंगेर, रोहतास, जमुई आदि जिलों के ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन पूरी तरह ठप्प रहा तथा व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे।
राज्य के अपर पुलिस महानिदेशक पी़ क़े ठाकुर ने बताया कि बंद के दौरान अब तक कहीं से अप्रिय घटना की सूचना नहीं है। उन्होंने कहा कि बंद को लेकर सभी ऐहतियाती कदम उठाए गए। सभी महत्वपूर्ण रेलगाड़ियों के आगे पायलट रेल चलाई गई। रेलवे के अनुसार बंद के दौरान बिहार से गुजरने वाली पांच रेलगाड़ियों को रद्द कर दिया जबकि कई के मार्ग में परिवर्तन किया गया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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