श्रीनगर में सेना बुलाई गई

सेना के प्रवक्ता जेएस बरार ने बीबीसी को बताया है कि अब जगह-जगह सैनिकों को तैनात किया जा रहा है. कुछ दिनों की शांति के बाद श्रीनगर में एक बार फिर हिंसक प्रदर्शनों का दौर शुरु हुआ जिसमें कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई और पचास के अधिक घायल हुए हैं.
पिछले महीने सोपोर में दो युवकों के कथित रुप से अर्धसैनिक बलों की गोली से मौत हो जाने के बाद प्रदर्शनों का नया दौर शुरु हुआ. प्रदर्शनकारी और सुरक्षाबलों के बीच लगातार झड़पें हो रही हैं और सुरक्षाबलों की गोलियों से जून से अब तक 16 लोगों की मौत हो चुकी है.
सेना के अधिकारियों का कहना है कि राज्य सरकार के अनुरोध पर श्रीनगर पर सेना की तैनाती की जा रही है. उनका कहना है कि अमरनाथ यात्रियों की सुरक्षा के लिए बड़ी संख्या में पुलिस और अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया है इसलिए श्रीनगर और आसपास के इलाक़ों में तैनात करने के लिए सुरक्षा बलों की पर्याप्त संख्या उपलब्ध नहीं है इसीलिए सेना को बुलवाया गया है.
श्रीनगर में बीबीसी के संवाददाता अल्ताफ़ हुसैन का कहना है कि मंगलवार को प्रदर्शनकारियों के साथ हुए व्यवहार से एक बार फिर लगा कि पुलिस को प्रदर्शनकारियों से निपटने का तरीक़ा समझ में नहीं आ रहा है और ऐसा दिखता है कि सरकार के हाथों में बात निकल रही है.
उनका कहना है कि अगर सेना की तैनाती हो जाती है तो घाटी में हिंसक प्रदर्शनों पर लगाम लगेगी. श्रीनगर के विभिन्न इलाक़ों में मंगलवार को कम से कम तीन लोगों की मौतें हुईं. बटमालू में प्रदर्शन के दौरान पथराव कर रही भीड़ पर जब सुरक्षा बलों ने गोलीबारी की तो फ़याज़ अहमद नामके एक युवक की मौत हो गई.
इसी इलाक़े में हिंसा पर उतारू एक भीड़ को तितर-बितर करने के लिए जब पुलिस ने फ़ायरिंग की तो एक गोली 25 वर्षीय युवती फ़ैंसी को लगी और उसकी मौत हो गई. समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार 18 वर्षीय अक़बर ख़ान की मौत श्रीनगर के माइसूमा इलाक़े में हुई.
श्रीनगर के अलावा हिंसा की घटनाएँ बारामूला, पुलवामा, काकपुरा और अनंतनाग में हुई. कुछ दिनों की शांति के बाद हिंसक प्रदर्शनों का नया दौर मुज़फ़्फ़र अहमद की मौत के विरोध में शुरु हुआ. इस युवक की सोमवार की शाम मौत डूबने से हो गई थी. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि युवक पुलिस की वजह से डूबा. इस मामले में पुलिस ने कोई बयान नहीं दिया है.












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