अलकायदा और लश्कर में एकजुटता बढ़ी : अमेरिका
वाशिंगटन, 1 जुलाई (आईएएनएस)। अमेरिका के एक शीर्ष सैन्य अधिकारी ने कहा है कि पाकिस्तान में आतंकवादी संगठनों अलकायदा और नवंबर 2008 में मुंबई पर हमले के आरोपी लश्कर-ए-तैयबा के शीर्ष नेतृत्व के बीच अधिक एकजुटता बनती दिख रही है।
ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष एडमिरल माइक मुलेन ने कोलोराडो के एस्पेन इंस्टीट्यूट में कहा, "पाकिस्तान में अलकायदा रणनीतिक रूप से है। यह एक कारण है जिससे मैं पाकिस्तान के साथ संबंधों के लिए अधिक मेहनत करता हूं।"
थिंक टैंक के साथ एक चर्चा में मुलेन ने कहा कि पाकिस्तान इस समय खुद आतंकवाद से बहुत अधिक प्रभावित है।
उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षो से उनको महसूस हो रहा है कि आतंकवादी गुट एकजुट हो रहे हैं। उन्होंने लश्कर-ए-तैयबा, डेविड कोलमैन हेडली सहित आतंकवाद में शामिल पाकिस्तानी मूल के अमेरिकियों फैजल शहजाद और नजीबुल्ला जैजी का भी उल्लेख किया।
हेडली ने मुंबई हमले में अपनी भूमिका स्वीकार की, शहजाद ने न्यूयार्क के टाइम्स स्क्वोयर में बम विस्फोट का असफल प्रयास किया और जैजी ने स्वीकार किया कि वर्ष 2009 में न्यूयार्क की भूमिगत रेल व्यवस्था में आत्मघाती हमले की योजना बनाने वाले अलकायदा समूह में वह शामिल था।
उन्होंने कहा कि लश्कर-ए-तैयबा हमेशा पूर्व में भारत पर ध्यान केंद्रित करता था लेकिन अब वह पश्चिमी सीमा पर भी उपस्थिति बढ़ा रहा है। वास्तव में न केवल पाकिस्तान की पश्चिमी सीमा पर वरन वे अफगानिस्तान में भी हैं।
मुलेन ने कहा कि अमेरिका में इन तत्वों की उपस्थिति और खतरा बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा,"इसके पीछे का केंद्र अलकायदा नेतृत्व है और वह पाकिस्तान में है। इसे हम जानते हैं और हमारी रणनीति अलकायदा के नेतृत्व को वहां से कहीं और नहीं जाने देने की है।"
मुलेन ने कहा कि अलकायदा और उसका नेतृत्व गंभीर खतरा है। पिछले कुछ वर्षों में उनको चुनौती मिली है लेकिन अब भी उनका लक्ष्य जितना संभव हो सके उतने पश्चिमी देशों के और अमेरिकी नागरिकों को मारना है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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