बाहरी पूंजी की आवक पर कर नहीं : प्रधानमंत्री
एयर इंडिया वन से, 29 जून (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने विदेशों से आने वाली पूंजी पर कर लगाने से इंकार करते हुए कहा है कि अभी ऐसी स्थिति नहीं बनी है।
कनाडा में जी-20 देशों के शिखर सम्मेलन में भाग लेने के बाद स्वदेश लौट रहे प्रधानमंत्री ने विशेष विमान में कहा, "मैं सोचता हूं कि देश में बाहरी पूंजी की आवक दोनों रूपों (प्रत्यक्ष निवेश और संस्थागत निवेश) में उचित स्तर पर है।"
विदेशी पूंजी की आवक पर लगने वाले कर को 'टोबिन कर' कहा जाता है। इसका नामकरण नोबेल पुरस्कार से सम्मानित जेम्स टोबिन के नाम पर किया गया है। इस तरह का कर उस स्थिति में लगाया जाता है जब सरकार महसूस करती है कि विदेशी पूंजी के कारण घरेलू वित्तीय तंत्र पर नकारात्मक असर पड़ रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा, "विशेष स्थिति में टोबिन टैक्स लगाया जाता है, जहां तक भारत की बात है तो हम उस स्थिति में नहीं पहुंचे हैं जहां पूंजी का प्रवाह एक समस्या बन गई हो।"
उन्होंने कहा, "हमारे यहां ऐसी स्थिति नहीं है जिससे टोबिन कर लगाने की जरूरत पड़े।"
ब्राजील ने अपने यहां दो फीसदी टोबिन कर लगा रखा है। इस बारे में जी-20 की बैठक और भारतीय रिजर्व बैंक स्तर पर चर्चाएं हो रही हैं।
पत्रकारों से बातचीत में प्रधानमंत्री ने ऐसे किसी भी विधेयक से इंकार किया जिसके तहत कारपोरेट घरानों को सामाजिक सेवा मुहैया कराने के लिए बाध्य किया जा सके।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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