आतंकी हमले से निपटने के लिए विमानों में जासूसी प्रणाली
रीडिंग विश्वविद्याल के विशेषज्ञ इन दिनों एक ऐसा सॉफ्टवेयर बनाने की तैयारी में जुटे हैं, जिसके माध्यम से उड़ान के दौरान संदिग्ध व्यवहार करने वाले यात्री पर नजर रखा जा सकेगा।
समाचार पत्र 'द टेलीग्राफ' के मुताबिक यात्रियों पर कैमरों, माइक्रोफोन, विस्फोटक स्नीफरों और अत्याधुनिक कम्प्यूटर प्रणाली के जरिए नजर रखा जाएगा।
इस प्रणाली को लेकर काम कर रही एक टीम ने हाल ही में कैमरा प्रणाली का ब्रिटिश एयरोस्पेस के विमान पर आजमाया था। इस दौरान कैमरा प्रणाली का विशेष परीक्षण किया गया। इसके अलावा कम्प्यूटर प्रणाली का परीक्षण नकली एयरबस के विमान पर किया गया।
विशेषज्ञ जिस सॉफ्टवेयर को बनाने में जुटे हैं, वह संदिग्ध व्यवहार करने वाले लोगों पर नजर रखने के साथ-साथ उनके सामानों पर भी नजर रख सकेगा। साथ ही माइक्रोफोन के जरिए यात्रियों के बीच की जाने वाली बातचीत के माध्यम से उन पर नजर रखा जा सकेगा।
इस प्रणाली को अगर उड़ान के दौरान कोई चीज संदिग्ध लगती है या फिर आतंकवादी हमले जैसी दिखती है तो वह अलार्म बजाकर उड़ान दल में शामिल अधिकारियों को इसकी जानकारी देगा। अगर विमान में कोई बम लगाया गया हो तो विस्फोटक स्नीफर उसे खोज निकालने में जुट जाएंगे।
इसी तरह की प्रणाली हवाईअड्डों के अंदर और उनके परिसर में भी लगाई जाएगी। पूरी दुनिया में इस तकनीक को लेकर चर्चा है क्योंकि इसके माध्यम से उड़ान के दौरान किसी आतंकवादी घटना को रोकने में सफलता हासिल की जा सकती है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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