धनी देश संरक्षणवाद का विरोध करें : मनमोहन
मनमोहन सिंह ने कहा कि पिछले दो वित्त वर्ष में औसत सात प्रतिशत वृद्धि के साथ भारत इस संकट से निपटने में बेहतर स्थिति में है। सिंह ने कहा कि उभरती अर्थव्यवस्थाओं को निर्यात पर जोर देने के बदले घरेलू मांग को हर हाल में बढ़ावा देना चाहिए।
आक्सफोर्ड शिक्षित अर्थशास्त्री प्रधानमंत्री सिंह ने कहा कि भारत मध्यकालिक वित्तीय समेकन के लिए तथा वर्ष 2013-14 तक अपने वित्तीय घाटे को आधे पर लाने के लिए काम करेगा।
सिंह ने टोरंटो कनवेंशन सेंटर में सामान्य सत्र के उद्घाटन के मौके पर चेतावनी भी दी कि "यदि तमाम औद्योगीकृत देशों द्वारा विरोधाभासी नीतियों को अपनाया गया तो इससे दोगुना गंभीर मंदी को बढ़ावा मिल सकता है।"
प्रधानमंत्री ने कहा, "हमारे पास स्फीति से ज्यादा बड़ा खतरा अपस्फीति का है। इसलिए हमें हर हाल में स्थिति से उबरने को प्राथमिकता देनी चाहिए, साथ ही बड़े ऋण के साथ निपटने के लिए भी कदम उठाने चाहिए।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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